कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आंदोलन के दौरान एक छात्र प्रदर्शनकारी के पिता से मारपीट करने का दावा करने वाले एक्टिविस्ट स्वतंत्र भारद्वाज को शनिवार को अदालत ने 1 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया. भारद्वाज को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया था.
इससे पहले सीजेपी नेताओं, लोकसभा सांसद चंद्रशेखर और पप्पू यादव ने दिल्ली के संसद मार्ग थाने पर भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना दिया था. पुलिस आश्वासन के कुछ ही घंटों बाद भारद्वाज को धामरा नारा गांव के पास से भागते समय पकड़ा गया.
भारद्वाज ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में शेखी बघारते हुए कहा था कि उन्होंने जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान एक 14 वर्षीय दलित प्रदर्शनकारी के पिता का सिर फोड़ दिया था. उन्होंने यह भी दावा किया कि राजनीतिक पहुंच के कारण धारा 307 (हत्या का प्रयास) का मामला होने के बावजूद उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई .
यह विवाद 23 जून को जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुआ था. मोबाइल रिकॉर्डिंग को लेकर हुई हाथापाई के बाद भारद्वाज को हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में छोड़ दिया गया. हालिया वीडियो सामने आने के बाद राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया .
विपक्षी नेताओं के धरने के बाद पुलिस ने दर्ज प्राथमिकी में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ीं. इसके अलावा, पीड़ित लड़की को मिल रही ऑनलाइन धमकियों की शिकायत पर पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत एक अलग प्राथमिकी भी दर्ज की गई है.
गंभीर आरोपों और गिरफ्तारी के बीच भारद्वाज ने मीडिया के सामने दावा किया कि उन्होंने भीड़ से बचने के लिए केवल आत्मरक्षा में कदम उठाया था. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने बुलंदशहर से उन्हें गिरफ्तार कर लिया.