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UPI पेमेंट से खुला मर्डर का राज! सुवेंदु अधिकारी के PA हत्याकांड में आरोपियों तक ऐसे पहुंची पुलिस

पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. दरअसल पुलिस चंद्रनाथ के हत्यारों तक यूपीआई पेमेंट के जरिए पहुंची है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
UPI पेमेंट से खुला मर्डर का राज! सुवेंदु अधिकारी के PA हत्याकांड में आरोपियों तक ऐसे पहुंची पुलिस
Courtesy: ai generated

पश्चिम बंगाल में 15 साल की सत्ता को उखाड़कर फेंकने वाली बीजेपी ने अपनी सरकार बना ली है. वहीं बंगाल के नए सीएम सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की बेरहमी से गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पश्चिम बंगाल, बिहार और यूपी की पुलिस ने एक जॉइंट ऑपरेशन चलाकर विशाल श्रीवास्तव, मयंक मिश्रा और राज सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. खास बात यह है कि इन आरोपियों का पता टोल बूथ पर किए गए यूपीआई पेमेंट के जरिए पुलिस को लगा है.

रात में घर जाते वक्त हुई थी रथ की हत्या

गौरतलब है कि सुवेंदू अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ रात के समय जब घर जा रहे थे तब ही उन्हें गोली मार दी गई थी. वह अपनी कार में आगे वाली सीट पर बैठे थे और उत्तरी 24 परगना के मध्यग्राम में अपने घर से सिर्प 200 मीटर दूर थे. पुलिस की शुरूआती जांच में ये पता चला है कि उनकी SUV को एक निसान माइक्रा रोका था, जिसके बाद बाइक सवार हमलावरों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी. हमलावर इसके बाद माइक्रा को वहीं छोड़कर भाग गए थे. हत्यारों ने भागने के लिए दूसरी लाल कार और एक बाइक का इस्तेमाल किया था. 

सीसीटीवी जांच में कैद हो गई थी कार

वहीं वारदात के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू कर दिए. इसी के जरिए उस कार को ट्रैक किया गया. जब यह जांच चल रही थी तब कार में बैठे शख्स द्वारा टोल पर यूपीआई पेमेंट करते देखा गया. यही वह अहम कड़ी साबित हुई जिससे पुलिस आसानी से हत्यारों तक पहुंच गई. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सभी गिरफ्तार किए गए आरोपी पेशेवर हत्यारे हैं. विशाल बिहार के बक्सर जिले का है और बाकी के दो आरोपी उत्तर प्रदेश के हैं.

बाइक और कार भी की बरामद

पुलिस ने हत्या में उपयोग की गई दो बाइकों को भी बरामद कर लिया है. साथ ही माइक्रा कार को भी जब्त कर लिया है. जांच में पता चला है कि तीनों वाहन चोरी के थे और तीनों पर ही फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी.