menu-icon
India Daily

Hand Transplantation: भारत में पहली बार किया गया हाथों का सफल ट्रांसप्लांट, इस असप्ताल ने सर्जरी कर रचा इतिहास

Hand Transplantation: दिल्ली से सटे फरीदाबाद के एक अस्पताल ने 64 साल के एक बुजुर्ग और 19 साल के एक युवक का सफल प्रत्यारोपण करके इतिहास रच दिया है. ऐसा भारत में पहली बार हुआ, जब हाथों का सफल प्रत्यारोपण किया गया हो.

Gyanendra Tiwari
Hand Transplantation: भारत में पहली बार किया गया हाथों का सफल ट्रांसप्लांट, इस असप्ताल ने सर्जरी कर रचा इतिहास

हाइलाइट्स

  • पहली बार हाथों का सफल प्रत्यारोपण
  • फरीदाबाद के अस्पताल ने रचा इतिहास

Hand Transplantation: हाथ हमारी ताकत होते हैं. इनके बिना किसी भी ऊंचाई पर चढ़ना असंभव है. लेकिन अगर आप से आपका हाथ ही छीन लिया जाए तो क्या होगा. शायद आप उन उचाइंयो तक न पहुंच पाएं जिसका आपने सपना देखा हो. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि भारत में पहली बार डॉक्टरों ने हाथ को ट्रांसप्लांट करने में सफलता हासिल की है. ये कहानी हर उस इंसान से जुड़ी है जिसका कोई करीबी किसी हादसे में अपना हाथ खो चुका है. ऐसे में उनके लिए एक उम्मीद जागी है की उनका भी हाथ ट्रांसप्लांट हो सकता है. दिल्ली से सटे फरीदाबाद के एक अस्पताल ने 64 साल के एक बुजुर्ग और 19 साल के एक युवक का सफल प्रत्यारोपण करके इतिहास रच दिया है. ऐसा भारत में पहली बार हुआ, जब हाथों का सफल प्रत्यारोपण किया गया हो.

 


मिली जानकारी के मुताबिक फरीदबाद के अमृता हॉस्पिटल में ये सफल प्रत्यारोपण किया गया.  दिसंबर 2023 में हाथों का सफल ट्रांसप्लांट किया गया. सर्जरी में 17 घंटे का समय लगा था.  दिल्ली के रहने वाले 64 साल के गौतम तायल और 19 साल के देवांश गुप्ता का प्रत्यारोपण किया गया.

अमृता हॉस्पिटल के डॉ. मोहित शर्मा ने सर्जरी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि  यह भारत में हुआ हाथ का पहला प्रत्यारोपण है. मेडिकल फील्ड के लिए यह बड़ी उपलब्धि है.

उन्होंने बताया कि हाथों को जोड़ने के लिए  दो हड्डियों, दो धमनियों, 25 कण्डराओं और 5 तंत्रिकाओं को आपस में जोड़ना पड़ा. जिन मरीजों का प्रत्यारोपण किया गया ऑपरेशन के बाद वो अच्छा महसूस कर रहे हैं. उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है. जल्द ही उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा.

19 साल के देवांश के हाथों के प्रत्यारोपण की सर्जरी करने वाले डॉ. अनिल मुरारका ने बताया कि एक चुनौतीपूर्ण काम था. हमने दाहिने हाथ को ऊपरी बांह के स्तर पर और कोहनी के स्तर से ऊपर बाएं  हाथ पर लगाया गया था. अगले एक साल तक रोगियों के मांसपेशियों में हल्का खिंचाव रहेगा, जिसके लिए उन्हें फिजियोथेरेपी से गुजरना पड़ेगा.

वहीं, 64 साल के गौतम तयाल का कहना है कि वो अपना हाथ खोने के बाद पूरी तरह से टूट गए थे. मुझे अब एक नया जीवन मिल गया है., मैं बहुत खुश हैं. इसके लिए मैं भगवान का डॉक्टरों का बहुत आभारी हूं. मुंबई के एक मृतक का हाथ गौतम तयाल के नए हाथ हैं. मुंबई से फ्लाइट के जरिए हाथों को फरीदाबाद लाया गया था.

वहीं, 19 साल के देवांश गुप्ता ने हाथ का सफल प्रत्यारोपण होने पर कहा कि मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि मुझे नए हाथ मिल गए हैं. देवांश के दोनों हाथ प्रत्यारोपित किए गए हैं. 33 साल के सूरत के एक व्यक्ति जिनकी मौत हो गई है उनके हाथ अब देवांश के हो गए हैं.