पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या का मामला लगातार नए खुलासों के साथ चर्चा में बना हुआ है. अब इस मामले में केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि सगाई के बाद केतन द्वारा हेयर पैच पहनने की जानकारी मिलने से सिया गोयल नाराज थी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि सिया और उसका परिवार इस बात से पहले ही परिचित था और इसे कभी छिपाया नहीं गया था.
विशाल अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके बेटे केतन सिर पर छोटा-सा विग पैच लगाते थे, लेकिन यह बात सिया गोयल और उसके परिवार को सगाई से पहले ही बता दी गई थी. उन्होंने कहा कि यदि इस बात पर कोई आपत्ति थी तो विवाह से पहले रिश्ता ठुकराया जा सकता था, लेकिन हत्या जैसा कदम किसी भी स्थिति में उचित नहीं कहा जा सकता. उन्होंने यह भी कहा कि इस पहलू को हत्या की मुख्य वजह बताना तथ्यों से मेल नहीं खाता. पुलिस भी फिलहाल इस बात को अकेले हत्या का कारण मानने से इनकार कर रही है और अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रही है.
VIDEO | Maharashtra: Pune realtor Ketan Agarwal's father reacts to media reports claiming that Siya Goyal disliked Ketan because he wore a wig and says, "We had cleared it with them (Siya Goyal's family) that Ketan wore a wig; As far as I know, it was Siya who wanted to go on the… pic.twitter.com/FIKQT8qdaB
— Press Trust of India (@PTI_News) June 26, 2026
मामले में लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग जाने को लेकर भी दोनों परिवारों के बयान अलग-अलग हैं. केतन के पिता का कहना है कि ट्रेक पर जाने की इच्छा सिया ने जताई थी, जबकि सिया के माता-पिता का दावा है कि वह जाना नहीं चाहती थी और उसने घर पर भी अपनी अनिच्छा जाहिर की थी. उनका कहना है कि अगले दिन पारिवारिक कार्यक्रम होने के कारण सिया ट्रेक टालना चाहती थी, लेकिन केतन की ओर से आग्रह किया गया. इस विरोधाभास ने जांच को और जटिल बना दिया है तथा पुलिस सभी बयानों का मिलान कर रही है.
पुलिस के अनुसार 18 जून को लोहागढ़ किले पर घूमने के दौरान केतन को करीब 300 फीट गहरी खाई में धक्का दिया गया. जांच एजेंसियों का आरोप है कि सिया गोयल और उसके मित्र चेतन चौधरी ने मिलकर इस घटना को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की. शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी और इससे पहले भी केतन को नुकसान पहुंचाने के प्रयास किए गए थे. पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई गई हैं, जिनके आधार पर पुलिस आगे की जांच कर रही है.
इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में केतन अग्रवाल के परिजनों से मुलाकात की और उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया. उन्होंने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में कराने और वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष सरकारी वकील नियुक्त करने पर सहमति जताई. परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और वे चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष सुनवाई जल्द पूरी हो. वहीं पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी को सावधानी से जोड़ा जा रहा है, ताकि अदालत के सामने मजबूत केस पेश किया जा सके.