मणिपुर में छह शव मिलने के बाद फिर गरमाया विवाद, लापता नागा बंधक होने की आशंका; जांच जारी

मणिपुर में 13 मई से लापता छह नागा नागरिकों के शव संयुक्त सुरक्षा अभियान के दौरान बरामद हुए हैं. शवों की पहचान के लिए डीएनए जांच होगी. घटना के बाद राज्य में तनाव बढ़ गया है और मामले की जांच जारी है.

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Km Jaya

मणिपुर: मणिपुर में 13 मई से लापता छह नागा नागरिकों के शव बुधवार को सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए बड़े संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान बरामद किए गए. अधिकारियों के अनुसार शवों की पहचान औपचारिक रूप से स्थापित करने के लिए डीएनए जांच कराई जाएगी. इस घटना ने राज्य में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है.

मणिपुर पुलिस ने बताया कि इस अभियान में राज्य पुलिस, सीआरपीएफ और असम राइफल्स के लगभग 450 जवान शामिल थे. तलाशी अभियान में स्निफर डॉग और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीमों की भी मदद ली गई. पुलिस के अनुसार करीब 24 घंटे तक चले अभियान के बाद छह लोगों के शव बरामद किए गए.


पुलिस ने क्या कहा?

पुलिस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में कहा कि बरामद शव उन लोगों के हो सकते हैं जिन्हें 13 मई 2026 को लीलोन वैफेई क्षेत्र से बंधक बनाए जाने की आशंका थी. मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और जांच जारी है.

अधिकारियों ने क्या कहा?

अधिकारियों ने बताया कि शव अत्यधिक सड़ी-गली और क्षत-विक्षत अवस्था में मिले हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया है. इसलिए डीएनए परीक्षण के लिए नमूने इम्फाल स्थित जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज भेजे जाएंगे.

लापता नागा नागरिकों की पहचान मनु थियुमाई, केनपिबोउ, फेनरोंगवी थियुमाई, दिलीप थियुमाई, कालिवांगबोउ अबोनमाई और च फेनरिलुंग के रूप में की गई है. परिवारों और सामुदायिक संगठनों के अनुसार ये सभी 13 मई को कांगपोकपी जिले के लीलोन वैफेई गांव से गुजरते समय लापता हो गए थे.

क्या है मामला?

यह मामला 13 मई को नोनी और कांगपोकपी जिलों में हुई हिंसा से जुड़ा माना जा रहा है. उस हिंसा में तीन चर्च नेताओं समेत चार लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद नागा और कुकी समुदायों के कुल 48 लोगों को प्रतिद्वंद्वी समूहों द्वारा बंधक बनाए जाने की खबर सामने आई थी.

दो दिन बाद दोनों समुदायों के 28 लोगों को रिहा कर दिया गया था. हालांकि छह नागा और 14 कुकी नागरिक लापता बने हुए थे. मंगलवार को शेष 14 कुकी नागरिकों को सुरक्षित रिहा कर दिया गया था.

यूनाइटेड नागा काउंसिल ने क्या कहा?

यूनाइटेड नागा काउंसिल ने कहा कि उसने मानवीय आधार पर 14 कुकी नागरिकों को बिना किसी शर्त के रिहा किया. परिषद के अध्यक्ष एनजी लोर्हो ने कहा कि अधिकारियों द्वारा लापता नागा नागरिकों की तलाश जारी रखने के आश्वासन के बाद यह फैसला लिया गया.

इस बीच कुकी इनपी मणिपुर ने शवों की बरामदगी पर शोक व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है. सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र में सतर्क हैं. वहीं सेनापति जिले में शव मिलने की खबर के बाद एक भीड़ ने दो ट्रकों में आग लगा दी. हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.