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RSS के कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे सरकारी कर्मचारी, 58 साल पहले लगा था प्रतिबंध, अब केंद्र सरकार ने हटाया

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ यानी RSS के कार्यक्रमों में सरकारी कर्मचारी अब शामिल हो सकेंगे. केंद्र की मोदी सरकार ने 58 साल पहले लगे बैन को अब हटा दिया है. कांग्रेस के सीनियर नेता जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर लिखा कि फरवरी 1948 में महात्मा गांधी की हत्या के बाद सरदार पटेल ने RSS पर प्रतिबंध लगा दिया था. 1966 में, RSS की गतिविधियों में भाग लेने वाले सरकारी कर्मचारियों पर प्रतिबंध लगाया गया था.

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RSS के कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे सरकारी कर्मचारी, 58 साल पहले लगा था प्रतिबंध, अब केंद्र सरकार ने हटाया
Courtesy: Social Media

केंद्र की मोदी सरकार ने RSS के कार्यक्रमों में सरकारी कर्मचारियों के शामिल होने के लिए लगे प्रतिबंध को हटा लिया है. ये प्रतिबंध करीब 58 साल पहले लगाया गया था. केंद्र सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अब सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे. केंद्र के इस आदेश को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा. वहीं, भाजपा आईटी सेल के अमित मालवीय ने भी कांग्रेस पर पलटवार किया. 

कथित तौर पर केंद्र सरकार के आदेश में कहा गया कि साल 1966, 1970 और 1980 में जारी उन आदेशों की समीक्षा कर संशोधन किया गया है, जिनमें कुछ अन्य संस्थाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के कार्यक्रमों में सरकारी कर्मचारियों के शामिल होने पर प्रतिबंध लगाया गया था. 

जयराम रमेश ने शेयर किया 9 जुलाई का मेमोरेंडम

कांग्रेस के सीनियर नेता जयराम रमेश ने कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय की ओर से 9 जुलाई को जारी मेमोरेंडम को शेयर किया. उन्होंने लिखा कि फरवरी 1948 में गांधीजी की हत्या के बाद सरदार पटेल ने RSS पर प्रतिबंध लगा दिया था.

इसके बाद अच्छे आचरण के आश्वासन पर प्रतिबंध को हटाया गया. इसके बाद भी RSS ने नागपुर में कभी तिरंगा नहीं फहराया. 1966 में, RSS की गतिविधियों में भाग लेने वाले सरकारी कर्मचारियों पर प्रतिबंध लगाया गया था और यह सही निर्णय भी था. यह 1966 में बैन लगाने के लिए जारी किया गया आधिकारिक आदेश है.

4 जून 2024 के बाद, स्वयंभू नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री और RSS के बीच संबंधों में कड़वाहट आई है. 9 जुलाई 2024 को, 58 साल का प्रतिबंध हटा दिया गया जो अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान भी लागू था. उन्होंने आखिर में लिखा कि मेरा मानना है कि नौकरशाही अब निक्कर में भी आ सकती है.

पवन खेड़ा ने भी दी प्रतिक्रिया

कांग्रेस के नेता पवन खेड़ा ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि 58 साल पहले तत्कालीन केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के RSS के कार्यक्रमों में शामिल होने पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन अब मोदी सरकार ने उस आदेश को पलट दिया है. 

अमित मालवीय ने कांग्रेस पर किया पलटवार

भाजपा आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए लिखा कि 58 साल पहले 1966 में जारी असंवैधानिक आदेश को मोदी सरकार ने वापस ले लिया है. उस आदेश में RSS की गतिविधियों में सरकारी कर्मचारियों के शामिल होने पर प्रतिबंध लगाया गया था.