Karandlaje Bomb Plant Remark: केंद्रीय मंत्री बोलीं- तमिलनाडु से ट्रेनिंग लेकर बेंगलुरु में बम प्लांट करते हैं; भड़के CM स्टालिन तो मांगी माफी
Karandlaje Bomb Plant Remark: बेंगलुरु में हनुमान चालीसा बजाने वाले मोबाइल दुकान के मालिक पर हाल ही में हमला हुआ था. हमले को लेकर केंद्रीय मंत्री करंदलाजे ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि तमिलनाडु के लोग वहां ट्रेनिंग लेकर, यहां (बेंगलुरु) में बम प्लांट करते हैं. मंत्री के बयान पर बवाल के बाद उन्होंने माफी मांग ली है.
Karandlaje Bomb Plant Remark: तमिलनाडु के लोग वहां ट्रेनिंग लेते हैं और यहां बेंगलुरु में आकर बम प्लांट करते हैं... ये बयान केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने दिया था. जब उनके बयान पर बवाल हुआ, तो उन्होंने स्थिति को भांपते हुए तुरंत माफी भी मांग ली. दरअसल, हाल ही में बेंगलुरु में हनुमान चालीसा बजाने वाले एक मोबाइल दुकान के मालिक की पिटाई हुई थी. मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ था. विरोध प्रदर्शन में शामिल केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा था कि तमिलनाडु के लोग यहां आते हैं, वहां ट्रेनिंग लेते हैं और यहां बम लगाते हैं.
केंद्रीय राज्य मंत्री का इशारा रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट की ओर था. कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री के बयान पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने आपत्ति जताई. उन्होंने तमिलनाडु के लोगों को आतंकवादी गतिविधियों से जोड़ने वाली टिप्पणी के लिए करंदलाजे की आलोचना की और उनके बयान को उनकी लापरवाही बताया. स्टालिन ने कहा कि इस तरह के दावे केवल वही व्यक्ति कर सकता है जो सीधे तौर पर शामिल हो या जिसे रामेश्वरम कैफे विस्फोट की चल रही जांच की विस्तृत जानकारी हो.
शोभा के खिलाफ स्टालिन ने की कानूनी कार्रवाई की मांग
स्टालिन ने करंदलाजे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की और मांग की कि इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया इस 'हेट स्पीच' का संज्ञान ले. उधर, केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा ने माफी मांगते हुए कहा कि मेरे तमिल भाइयों और बहनों... मेरे बयान से कुछ लोगों को दुख पहुंचा है और इसके लिए मैं माफी मांगती हूं. उन्होंने कहा कि मैंने जो बयान दिया था, वो पूरी तरह से कृष्णगिरि जंगल में ट्रेनिंग लेने वाले उन लोगों के लिए था, जो रामेश्वरम कैफे विस्फोट से जुड़े थे.
2017 में करंदलाजे ने कांग्रेस विधायक दिनेश राव पर निशाना साधते हुए उनकी अंतरधार्मिक शादी पर निशाना साधा था. 2017 में ही उन्होंने एक बयान देते हुए कहा था कि केरल चरमपंथी तत्वों के लिए सुरक्षित अड्डा बन गया है. उनके इस दावे की भी कई लोगों ने आलोचना की थी. करंदलाजे कर्नाटक में हिजाब विरोध प्रदर्शनों में भी शामिल रहीं हैं और शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध लगाने की वकालत करती रही हैं.
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