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India Daily

शिवराज सिंह चौहान ने 'मामा का घर' रखा बंगले का नाम, छलका दर्द तो निकल गई '...राजतिलक होते-होते वनवास' की बात

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधनी विधानसभा क्षेत्र में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे. यहां मंच पर भाषण देते वक्त शिवराज सिंह का दर्द छलक गया.

Naresh Chaudhary
शिवराज सिंह चौहान ने 'मामा का घर' रखा बंगले का नाम, छलका दर्द तो निकल गई '...राजतिलक होते-होते वनवास' की बात

हाइलाइट्स

  • बुधनी विधानसभा क्षेत्र में एक कार्यक्रम के दौरान बोले पूर्व सीएम शिवराज
  • शिवराज ने बोला था, आज से मेरा पता पदल रहा है, लेकिन...

MP News: शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए जितने लोकप्रिय थे, अब मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद और ज्यादा लोकप्रिय और सुर्खियों में रहने लगे हैं. ताजा मामला उनके नए घर और बुधनी में दिए भाषण से जुड़ा हुआ है. बुधनी में एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कभी-कभी राजतिलक होते-होते वनवास भी हो जाता है. इसके पीछे भी कोई न कोई बड़ा मकसद होता है. 

बुधनी विधानसभा क्षेत्र में एक कार्यक्रम के दौरान बोले पूर्व सीएम शिवराज

जानकारी के मुताबिक, हाल ही में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधनी विधानसभा क्षेत्र में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे. यहां मंच पर भाषण देते वक्त शिवराज सिंह का दर्द छलक गया. उन्होंने कहा कि कभी-कभी राजतिलक होते-होते वनवास भी हो जाता है. लेकिन इसके पीछे कोई बड़ा उद्देश्य होता है. शिवराज ने मंच से कहा, आप चिंता न करें. मैं हमेशा अपने लोगों और अपने राज्य के लिए काम करता रहूंगा. 

शिवराज ने बोला था, आज से मेरा पता पदल रहा है, लेकिन...

उधर, सीएम पद छोड़ने के बाद शिवराज सिंह भोपाल के लिंक रोड एक पर बी-8, 74 नंबर बंगले में शिफ्च हो गए हैं. सीएम रहते हुए वह श्यामला हिल्स स्थिति मुख्यमंत्री आवास में रहते थे. सीएम आवास छोड़ते वक्त शिवराज ने एक भावुक ट्वीट किया था. उन्होंने लिखा था कि आज मेरा पता बदल रहा है. लेकिन आपके भाई आपके मामा के घर के दरवाजे हमेशा आपके लिए खुले रहेंगे. 

सोशल मीडिया फिर से किया भावुक ट्वीट

अब शिवराज सिंह चौहान का एक नया ट्वीट भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. उन्होंने ट्वीट किया है कि...

मेरे प्यारे बहनों-भाइयों और भांजे-भांजियों,
आप सबसे मेरा रिश्ता प्रेम, विश्वास और अपनत्व का है।   

पता बदल गया है, लेकिन "मामा का घर" तो मामा का घर है। आपसे भैया और मामा की तरह ही जुड़ा रहूंगा। मेरे घर के दरवाजे सदैव आपके लिए खुले रहेंगे।

आपको जब भी मेरी याद आये या मेरी जरूरत हो, नि:संकोच घर पधारिये आखिर यह आपके मामा और भैया का घर जो है।