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India Daily

"जिसकी लाठी उसकी भैंस," वेनेजुएला में अमेरिकी हमले पर शशि थरूर का फूटा गुस्सा!

वेनेजुएला मामले को लेकर दुनियाभर के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. भारत में प्रसिद्ध और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं शशि थरूर, अभिषेक मनु सिंघवी आदि ने भी रिएक्शन दिया है.

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
Courtesy: X

नई दिल्लीः अमेरिका ने देर रात वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर हमला कर दिया था. हमले के बाद स्पेशल फोर्स डेल्टा ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अपने कब्जे में ले लिया. मादुरो की फोटो अमेरिका मीडिया में राष्ट्रपति ट्रंप ने साझा कर दी. कई लोग ट्रंप को डिक्टेटर के रूप में भी देख रहे हैं.

इसी बीच वेनेजुएला मामले को लेकर दुनियाभर के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. भारत में प्रसिद्ध और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं शशि थरूर, अभिषेक मनु सिंघवी आदि ने भी रिएक्शन दिया है.

जंगल का कानून चल रहा हैः शशि थरूर

लोकसभा सांसद शशि थरूर ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर को नजरअंदाज किया जा रहा है और अब जंगल का कानून चल रहा है. एक्स पर पोस्ट में थरूर ने लिखा, "अंतरराष्ट्रीय कानून और यूएन चार्टर को कुछ सालों से तोड़ा जा रहा है. आज जंगल का कानून चल रहा है. 'जिसकी लाठी उसकी भैंस' ही नया नियम है."

क्रूज मिसाइल से सत्ता परिवर्तनः अभिषेक मनु सिंघवी

कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने भी अमेरिकी कार्रवाई की जमकी आलूचना की. उन्होंने एक्स पर लिखा, "क्रूज मिसाइल से सत्ता परिवर्तन, युद्धपोत से लोकतंत्र और खुद बनाए गए सिद्धांत के तहत संप्रभुता को फिर से लिखना? यह लीडरशिप नहीं है, यह 21 वीं सदी की भाषा में 19वीं सदी का साम्राज्यवाद है. अगर अंतर्राष्ट्रीय कानून सिर्फ कमजोरों के लिए मायने रखता है, तो यूएन को बंद हो जाना चाहिए. दुनिया नियमों की हकदार है, न कि सनकी शासकों की."

भारत की वेनेजुएला की स्थिति पर करीबी नजर

बता दें कि वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर दुनिया भर में कड़ी प्रतिक्रियाएं हुई हैं. चीन, रूस, फ्रांस और ईरान सहित कई देशों ने अमेरिका की इस कार्रवाई की आलोचना और निंदा की है. इसके अलावा, भारत ने भी वेनेजुएला को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की.

भारत ने कहा कि वह वेनेजुएला में तेजी से बदल रही स्थिति पर करीबी नजर रखी हुई है. उन्होंने अपने बयान में कहा कि, "हम सभी संबंधित पक्षों से अपील करते हैं कि वे बातचीत के जरिए मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाएं ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे."