नई दिल्ली: ढोंगी बाबा अशोक खरात के बाद एक और बाबा, ऋषिकेश वैद्य को महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इस गिरफ्तारी के बाद एक साहसी महिला ने उसके विरुद्ध यौन हिंसा और ब्लैकमेलिंग की गंभीर शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस के अनुसार, आरोपी मर्चेंट नेवी का पूर्व अधिकारी है और भोली-भाली महिलाओं को ठगता था.
आरोपी खुद को भगवान शिव का अवतार बताकर आध्यात्मिक जाल बुनता था. पुणे की रहने वाली पीड़िता 2023 में फेसबुक के माध्यम से उसके संपर्क में आई थी. आरोपी ने उसे यह कहकर भ्रमित किया कि वह साक्षात महादेव का रूप है और वह महिला उसकी 'पार्वती' है. इसी धार्मिक झांसे में फंसकर महिला उसकी बातों पर विश्वास करने लगी. दिसंबर 2023 में आरोपी पुणे पहुंचा और पीड़िता को मंजरी इलाके के एक लॉज में ले गया.
लॉज में आरोपी ने अपनी असली मंशा जाहिर की और महिला को धोखे से कोई नशीला पदार्थ पिला दिया. जब महिला अचेत हो गई, तो आरोपी ने उसके साथ बलात्कार किया. इस जघन्य कृत्य के दौरान उसने पीड़िता की जानकारी के बिना उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें भी खींच लीं. होश आने पर पीड़िता को अपनी स्थिति का अंदाजा हुआ, लेकिन तब तक आरोपी ने उन तस्वीरों को हथियार बनाकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करना और डराना शुरू कर दिया था.
आरोपी पालघर में एक सामाजिक संस्था का संचालन करता है, जिसकी आड़ में वह अपने आपराधिक कृत्यों को छिपाता था. उसने उन तस्वीरों का इस्तेमाल महिला को चुप रखने के लिए किया. पिछले साल मई में, उसने पीड़िता को वसई के एक होटल में बुलाया और दोबारा यौन शोषण करने का प्रयास किया. आरोपी की धमकियों के कारण महिला लंबे समय तक भयभीत रही, लेकिन उसकी गिरफ्तारी की खबर मिलते ही पीड़िता ने अपनी चुप्पी तोड़ने का साहसिक निर्णय लिया.
माणिकपुर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक हीरालाल जाधव ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर तत्काल 'जीरो एफआईआर' दर्ज की गई है. चूंकि मुख्य अपराध पुणे क्षेत्र में हुआ था, इसलिए मामला आगे की जांच हेतु हडपसर पुलिस स्टेशन को स्थानांतरित कर दिया गया है. जीरो एफआईआर एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधान है जिसके तहत पीड़िता किसी भी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करा सकती है. पुलिस अब आरोपी के मर्चेंट नेवी के कार्यकाल और पुराने रिकॉर्ड की जांच कर रही है.