एनटीके नेता सीमन ने तमिलनाडु सरकार से एक विशेष अधिनियम पारित करने का आग्रह किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि राज्य में स्थित सभी निजी कंपनियों में केवल तमिलों को ही नौकरी दी जा सके.दरअसल सीमन ने कल यानी शुक्रवार को एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन विदेशी फर्मों से निवेश लाने के लिए विदेश गए हैं, नोकिया, जो तमिलनाडु में आई थी, अचानक चली गई, जिससे उसके कर्मचारी मुश्किल में पड़ गए, यहां हर दिन हजारों उत्तर भारतीयों को रोजगार के लिए तमिलनाडु लाया जा रहा है
सीमन ने आगे कहा, 'हर दिन हजारों उत्तर भारतीयों को रोजगार के लिए तमिलनाडु लाया जाता है क्या यह द्रविड़ मॉडल है कि इसे रोकने के लिए कोई कदम उठा बिना सिर्फ यही होता रहे'.
दरअसल सीमन ने यह बात सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कही है, यहां उन्होंने लिखा, 'तमिलनाडु में रोजगार देने से इनकार करने वाली निजी कंपनियों को तमिलनाडु में निवेश के लिए क्यों लाया जाए? वहीं एक अन्य बयान में सीमन ने मांग की है कि सरकार एकनापुरम के लोगों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करना बंद कर दे जो अपनी जमीन की रक्षा के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं.
தமிழர்களுக்கு வேலைவாய்ப்பு தர மறுக்கும் தனியார் நிறுவனங்களை தமிழ்நாட்டில் முதலீடு செய்ய அழைத்து வருவது ஏன்?@CMOTamilnadu @mkstalin
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बता दें कि सेंथमिजान सीमन एक भारतीय फिल्म निर्देशक, अभिनेता और राजनीतिज्ञ हैं. वे तमिलनाडु में नाम तमिलर काची राजनीतिक पार्टी के नेता और मुख्य समन्वयक हैं. वे तमिल भाषा, पहचान और कल्चर साथ ही यहां के युवाओं के मुद्दों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हैं.साथ ही सीमन को तमिल राजनीति में एक नए आइकन के रूप में भी देखा जा रहा है. क्योंकि इन दिनों सीमन आक्रामक मुद्रा वाले राजनीतिक नेता के रूप में उभरे हैं और द्रविड़ ताकतों की आवाज बन रहे हैं.