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दिल्ली में RSS का आलिशान ऑफिस, 150 करोड़ में बनकर हुआ तैयार, देखें पहली झलक

दिल्ली के झंडेवालान में RSS का नया और अत्याधुनिक कार्यालय बनकर तैयार हो गया है. बुधवार को संघ के पदाधिकारियों ने मीडिया को नए कार्यालय का दौरा करवाया.

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Edited By: Garima Singh
दिल्ली में RSS का आलिशान ऑफिस, 150 करोड़ में बनकर हुआ तैयार, देखें पहली झलक
Courtesy: x

RSS new office: दिल्ली के झंडेवालान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का नया और अत्याधुनिक कार्यालय बनकर तैयार हो गया है. बुधवार को संघ के पदाधिकारियों ने मीडिया को नए कार्यालय का दौरा करवाया. यह भव्य कार्यालय 12 मंजिला तीन टॉवरों में बंटा हुआ है, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं के रहने, बैठक करने और भोजन की सुविधाएं मौजूद हैं.

करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए इस कार्यालय में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है. तीन टॉवरों में से पहले टॉवर का नाम प्रेरणा और दूसरे का नाम अर्चना रखा गया है. ये टॉवर जी प्लस 12 मंजिला हैं और इनमें 300 कमरे बनाए गए हैं. इसके अलावा 270 कारों की मैकेनिकल पार्किंग की व्यवस्था की गई है.

भारतीय स्थापत्य कला और आधुनिकता का संगम

इस भवन का निर्माण भारतीय स्थापत्य कला के अनुसार किया गया है. इसमें 1000 ग्रेनाइट की चौखटें लगाई गई हैं और पूरे भवन में सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा. इसके साथ ही जल पुनर्चक्रण (STP) की सुविधा भी उपलब्ध है. भवन के निर्माण में 75000 लोगों का योगदान रहा है और इसका भूमि पूजन 2016 में किया गया था.

सुविधाएं और विशेषताएं

दसवीं मंजिल पर 8500 पुस्तकों से सजी भव्य लाइब्रेरी बनाई गई है. ग्राउंड फ्लोर पर क्लिनिक और पांच बेड का हॉस्पिटल भी है, जहां आस-पास के लोग इलाज करवा सकते हैं.
नौवीं मंजिल पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए हॉल की व्यवस्था है जिसकी क्षमता 120 लोगों की है.
अशोक सिंघल सभागार और सुरुचि प्रकाशन का स्टॉल भी यहां मौजूद है. भोजनालय में एक बार में 80 लोग बैठकर भोजन कर सकते हैं. सुरक्षा के लिए पूरे भवन में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं.

सितंबर से शुरू होगा ऑफिस शिफ्टिंग

नए कार्यालय में सितंबर 2025 से ऑफिस शिफ्टिंग का कार्य शुरू हो जाएगा. वर्तमान में इंटीरियर का काम जारी है. यह नया कार्यालय 4 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें 5 लाख वर्ग फीट में बेसमेंट का निर्माण किया गया है.

नाम वही, रूप नया

इस नए भवन का नाम केशव कुंज ही रहेगा, जो 1939 में स्थापित हुआ था. इससे पहले, 1962 में एक मंजिला भवन और 1980 में दूसरी मंजिल बनाई गई थी. नए भवन में सरसंघचालक और सरकार्यवाह के रहने की भी विशेष व्यवस्था की गई है.