TMC के बागी गुट में पड़ी फूट! NDA की बैठक से दूसरी बार दूर रहे 3 सांसद
तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए बागी सांसदों के समूह में दरार के संकेत मिले हैं. एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक से लगातार दूसरी बार तीन सांसद दूर रहे, जिससे समूह की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं.
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया मोड़ सामने आया है. तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए सांसदों के बागी गुट में अब मतभेद की खबरें सामने आने लगी हैं. एनडीए की संसदीय बैठक से तीन सांसदों की लगातार दूसरी बार गैरमौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है.
एनडीए की बैठक से दूसरी बार दूर रहे तीन सांसद
संसद भवन परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक बैठक 'मंगल मिलन' में कई बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया लेकिन तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर बने एनसीपीआई (NCPI) समूह के तीन सांसद इस बैठक में शामिल नहीं हुए. जंगीपुर से खलीलुर रहमान, मुर्शिदाबाद से अबू ताहिर खान और बहरामपुर से यूसुफ पठान लगातार दूसरी बार इस बैठक से दूर रहे. इससे बागी गुट के भीतर मतभेद की चर्चा तेज हो गई है. ये तीनों सांसद इससे पहले 28 जून को हुई पहली 'मंगल मिलन' बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे.
सांसद बोले- एनडीए के साथ नहीं हैं
मुर्शिदाबाद से सांसद अबू ताहिर खान ने साफ कहा कि उनका एनडीए या बीजेपी में जाने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई विकास से जुड़ी बैठक में जरूर शामिल होंगे लेकिन एनडीए की बैठक में नहीं जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी ऐसे कदम का समर्थन नहीं करेंगे, जिसे मुस्लिम समाज के खिलाफ माना जाए. सूत्रों के मुताबिक, इन सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों में बड़ी मुस्लिम आबादी है और स्थानीय लोगों की नाराजगी को देखते हुए उन्होंने एनडीए की बैठक से दूरी बनाई. इसी वजह से उनके इस फैसले को राजनीतिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है.
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बागी गुट की एकता पर उठे सवाल
इन तीन सांसदों की गैरमौजूदगी ऐसे समय पर हुई है, जब लोकसभा में 20 सदस्यीय एनसीपीआई समूह को मान्यता देने का मामला अभी भी स्पीकर ओम बिरला के पास लंबित है. दलबदल विरोधी कानून के तहत मान्यता के लिए इस समूह को जरूरी संख्या साबित करनी होगी. वहीं, एनसीपीआई के फ्लोर लीडर सुदीप बंद्योपाध्याय पहली बार एनडीए की बैठक में पहुंचे और उन्होंने दावा किया कि समूह पूरी तरह एकजुट है. हालांकि, लगातार दूसरी बार तीन सांसदों की अनुपस्थिति ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं. दूसरी ओर, बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और एनडीए के कई सहयोगी दलों के नेता भी मौजूद रहे.