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कर्तव्य पथ पर आज दिखेगी नए भारत की झलक, घर बैठे ऐसे देखें लाइव परेड

गणतंत्र दिवस के मौके पर पूरे देश में जश्न का माहौल है. दिल्ली के कर्तव्य पथ पर परेड की पूरी तैयारी कर ली गई है. हालांकि अगर आप यहां नहीं पहुंच पाएं हैं तो हम आपको कुछ तरीका बताएंगे, जिससे आप इसका सीधा हिस्सा बन सकते हैं.

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Edited By: Shanu Sharma
कर्तव्य पथ पर आज दिखेगी नए भारत की झलक, घर बैठे ऐसे देखें लाइव परेड
Courtesy: X (@narendramodi)

नई दिल्ली: आज यानी 26 जनवरी को देश में 77 वां गणतंत्र दिवस पूरे जश्न के साथ मनाया जा रहा है. इस दिन को खास तरीके से इसलिए मनाया जाता है क्योंकि देश में संविधान लागू हुआ था. इस खास मौके पर हर साल दिल्ली में भव्य परेड का आयोजन किया जाता है. 

गणतंत्र दिवस के खास मौके पर देश के प्रथम नागरिक के रूप में राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं. इस दौरान प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री समेत तमाम अधिकारी भी मौजूद रहते हैं. इस बार के गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगी. वहीं  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. जिसके बाद परेड सुबह  9:30 बजे से शुरू होगा.

कहां होगा परेड का सीधा प्रसारण?

दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले इस खास परेड में शामिल होने के लिए ना केवल देश के कोने-कोने से बल्कि दुनिया भर से लोग आते हैं. इस खास परेड  में एंट्री केवल पास के साथ ही मिल सकती है. हालांकि अगर आप भी खास परेड को देखना चाहते हैं तो इसे लाइव देख सकते  हैं. इस भव्य परेड का सीधा प्रसारण दूर्रदर्शन और उसके आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर किया जाएगा. जहां आप इसे लाइव देख सकते हैं. इसके अलावा ल इंडिया रेडियो के यूट्यूब चैनल और विभिन्न सरकारी वेबसाइटों पर भी लाइव टेलीकास्ट उपलब्ध रहने वाला है. इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है अगर आप घर पर ना हो, किसी सफर में हो या फिर कहीं व्यस्त हो तो इसका सीधा प्रसारण अपने मोबाइल फोन पर देख सकते हैं.

क्या है इस बार की थीम?

इस बार गणतंत्र दिवस परेड की झांकियों की थीम ‘वंदे मातरम’ रखी गई है. संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल के अनुसार, गणतंत्र दिवस की झांकियां केवल औपचारिक प्रस्तुतियां नहीं होतीं, बल्कि वे भारत की सभ्यतागत स्मृति का जीवंत दस्तावेज हैं. संस्कृति मंत्रालय का कहना है कि हर साल झांकियां देश के विचारों, मूल्यों और ऐतिहासिक अनुभवों को एक साझा दृश्य भाषा में प्रस्तुत करती हैं. मंत्रालय के अनुसार, संस्कृति गणतंत्र का आभूषण नहीं, बल्कि उसकी स्थायी आत्मा है और ‘वंदे मातरम’ इस निरंतर परंपरा में एक विशेष स्थान रखता है. इस वर्ष का गणतंत्र दिवस समारोह कूटनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है. इस बार इस खास परेड में यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेता मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे.