कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही प्रदेश में सियासी पारा उबलने लगा है. रविवार शाम कोलकाता के सखेरबाजार और बेहाला पश्चिम इलाके उस वक्त रणक्षेत्र बन गए जब तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए. इस दौरान जमकर तोड़फोड़, आगजनी और नारेबाजी हुई.
इस भयवह मंजर के बाद स्थानीय इलाकों में दहशत का माहौल है. कई लोगों का कहना है कि सत्ता की लड़ाई अब खूनी बनती जा रही है. आने वाले समय में भाजपा और टीएमसी के कार्यकर्ता फिर इस आक्रमक अंदाज में दिख सकतें है. चुनाव से पहले कोलकाता की सड़कों पर इस तरह की आगजनी और हिंसा यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीतिक लड़ाई और भी हिंसक और तीखी हो सकती है.
झड़प की शुरुआत सखेरबाजार में एक स्थानीय क्लब द्वारा बजाए जा रहे तेज संगीत और माइक्रोफोन के इस्तेमाल को लेकर हुई. BJP का आरोप है कि TMC कार्यकर्ताओं ने जानबूझकर उनकी सभा वाली जगह के पास तेज संगीत बजाया और पार्टी के झंडे लगाकर बाधा डाली. विवाद इतना बढ़ा कि दोनों ओर से समर्थकों ने एक-दूसरे के कार्यक्रमों में धावा बोल दिया.
Democracy in Bengal under TMC: BJP public meeting attacked, stages set on fire.
After Shri Biplab Kumar Deb’s Sankalp Sabha in Behala, TMC miscreants vandalised the venue and even set the stage ablaze in a public market area. pic.twitter.com/AkpaplVqt7— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) January 25, 2026Also Read
सबसे गंभीर घटना बेहाला पश्चिम में हुई. यहां त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री और BJP के चुनाव सह-प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने पार्टी की परिवर्तन संकल्प यात्रा के तहत एक जनसभा को संबोधित किया था. BJP का आरोप है कि बिप्लब देब के जाने के कुछ ही देर बाद TMC कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ की और उस अस्थायी मंच में आग लगा दी जहां से देब ने भाषण दिया था. व्यस्त बाजार के बीच लगी इस आग को बुझाने के लिए दमकल की गाड़ियों को मशक्कत करनी पड़ी.
दूसरी ओर बेहाला पुरबा से TMC विधायक रत्ना चटर्जी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए नया दावा किया. उन्होंने कहा कि एक बैडमिंटन टूर्नामेंट के दौरान BJP समर्थकों ने स्थानीय क्लब के सदस्यों के साथ बदसलूकी की थी. रत्ना चटर्जी ने चेतावनी देते हुए कहा कि BJP जितना इस तरह की रणनीति अपनाएगी, तृणमूल कांग्रेस का रुख उतना ही कड़ा होगा.
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव व्याप्त है. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए भारी बल तैनात किया है. स्थानीय BJP नेताओं ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया है, जबकि TMC इसे BJP की उकसावे वाली कार्रवाई बता रही है. दोनों दलों पर पुलिस की कड़ी निगरानी बनी हुई है. इस मामले की जांच पुलिस गहनता से कर रही है.