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India Daily

'नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संदेश', 77वें गणतंत्र दिवस पर पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू की देश को शुभकामनाएं

77वें गणतंत्र दिवस से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं. दोनों नेताओं ने अपने संदेशों में लोकतंत्र, संविधान और विकसित भारत के संकल्प को दोहराया.

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Edited By: Reepu Kumari
'नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संदेश', 77वें गणतंत्र दिवस पर पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू की देश को शुभकामनाएं
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर है देश के शीर्ष नेतृत्व ने नागरिकों को शुभकामना संदेश दिए हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने-अपने संदेशों के जरिए इस राष्ट्रीय पर्व के महत्व को रेखांकित किया है. दोनों नेताओं ने लोकतंत्र, संविधान और राष्ट्रीय एकता को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई दी है.

प्रधानमंत्री मोदी ने जहां गणतंत्र दिवस को नई ऊर्जा और उत्साह का प्रतीक बताया, वहीं राष्ट्रपति मुर्मू ने संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए नारी शक्ति की भूमिका पर जोर दिया है. नेताओं के इन संदेशों ने गणतंत्र दिवस को केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्ममंथन और भविष्य के संकल्प का अवसर बताया है, जिससे देश आगे की दिशा तय कर सके.

गणतंत्र दिवस पर नेताओं के शुभकामना संदेश

भारत 77वां गणतंत्र दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है और इसी बीच देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर आसीन नेताओं ने नागरिकों को बधाई संदेश दिए हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने-अपने संदेशों में इस राष्ट्रीय पर्व के महत्व को रेखांकित किया और देशवासियों से लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया.

पीएम मोदी बोले, नई ऊर्जा और उत्साह का पर्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट के माध्यम से देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय पर्व भारत की आन, बान और शान का प्रतीक है. पीएम मोदी ने कामना की कि गणतंत्र दिवस सभी नागरिकों के जीवन में नई ऊर्जा और नए उत्साह का संचार करे तथा विकसित भारत का संकल्प और अधिक सुदृढ़ बने.

विकसित भारत के संकल्प पर जोर

अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने भविष्य की दिशा की ओर इशारा करते हुए कहा कि देश को आगे बढ़ाने में हर नागरिक की भूमिका अहम है. उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती और राष्ट्रीय एकता को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया और विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से भारत अपने विकास लक्ष्यों को हासिल करेगा.

राष्ट्रपति मुर्मू का संविधान पर केंद्रित संदेश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संदेश में संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान विश्व के सबसे बड़े गणराज्य का आधार है और इसमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्य समाहित हैं, जो देश को दिशा देते हैं.

नारी शक्ति को बताया लोकतंत्र की मजबूती

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में महिलाओं की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं और पारंपरिक रूढ़ियों को तोड़ते हुए देश के विकास में योगदान दे रही हैं. उनकी बढ़ती भागीदारी भारत को एक समावेशी और सशक्त गणराज्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रही है.

आत्ममंथन और संकल्प का अवसर

राष्ट्रपति ने कहा कि गणतंत्र दिवस अतीत, वर्तमान और भविष्य पर विचार करने का अवसर देता है. यह दिन नागरिकों को संविधान के आदर्शों को याद करने और लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों को निभाने का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है.