नई दिल्ली: भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं को लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज और एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक के बीच चर्चा तेज हो गई है. रिलायंस इंडस्ट्रीज ने साफ कहा है कि उसे स्टारलिंक समेत किसी भी कंपनी से कॉम्पेटीशन करने में परेशानी नहीं है. हालांकि, कंपनी ने यह भी साफ किया कि भारत में बिजनेस करने वाली हर कंपनी को देश के कानून और सरकारी नियमों का पालन करना होगा.
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि भारत निवेश और नई तकनीक का स्वागत करता है. चाहे कंपनी भारतीय हो या विदेशी, सभी के लिए कानून के नियम समान होने चाहिए. कंपनी ने यह भी बताया कि जियो की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज को भी अभी जरूरी सरकारी मंजूरियों का इंतजार है. यानी रिलायंस के मुताबिक, स्टारलिंक समेत सभी कंपनियों को तय प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
बता दें कि स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने आरोप लगाया था कि कुछ कारोबारी हित भारत में स्टारलिंक की एंट्री में बाधा डाल रहे हैं. इसके बाद रिलायंस की ओर से यह प्रतिक्रिया सामने आई.
Welcome competition in satellite communications, including Starlink: Reliance · Reliance Industries Ltd (REL) on Friday said that India’s rules apply equally to domestic and foreign companies in the field of satellite communications, amid Elon Musk’s criticism of the regulatory hurdles facing Starlink in the country 🔗: https://t.co/bHyAM0R1ng
— IANS (@ians_india) October 16, 2026
रिलायंस ने अपने बयान में जियो की शुरुआत का उदाहरण भी दिया. कंपनी के मुताबिक, साल 2016 में जब जियो ने भारतीय टेलीकॉम बाजार में कदम रखा था, तब उसके पास एक भी ग्राहक नहीं था. इसके बावजूद कंपनी ने सस्ते डाटा और डिजिटल सर्विसेज के जरिए तेजी से अपनी पहचान बनाई. रिलायंस का दावा है कि दस साल में जियो के ग्राहकों की संख्या 53 करोड़ से ज्यादा हो गई है. कंपनी ने कहा कि प्रतिस्पर्धा से घबराने के बजाय वह इसे ग्राहकों को बेहतर सर्विसेज देने का अवसर मानती है.
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी साफ किया है कि भारत में सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में किसी एक कंपनी का एकाधिकार नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि तीन कंपनियां कमर्शियल लाइसेंस की अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया में हैं. सरकार सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं की कीमत तय करने के ढांचे पर भी निर्णय के करीब है. हालांकि, कमर्शियल सर्विसेज शुरू करने से पहले सभी लाइसेंस प्राप्त कंपनियों को सुरक्षा संबंधी जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी.