ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा के एक बयान को लेकर BJP ने राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना साधा है. BJP का आरोप है कि राहुल गांधी से जुड़े लोग भारत में बांग्लादेश जैसे हालात पैदा कर सत्ता परिवर्तन करना चाहते हैं. हाल के दिनों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) और मतदाता अधिकारों से जुड़े विरोध प्रदर्शनों में नेहा बोरा और वकील प्रशांत भूषण शामिल रहे हैं.
नेहा बोरा ने बांग्लादेश के सबसे बड़े वामपंथी छात्र संगठन सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट (SSF) के एक सम्मेलन को ऑनलाइन संबोधित किया था. इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत में दिख रहा जेन-जी आंदोलन सबसे पहले बांग्लादेश में शुरू हुआ था. उन्होंने बांग्लादेश के युवाओं को रास्ता दिखाने के लिए बधाई दी और कहा कि भारत के युवा लोकतंत्र तथा मतदाता अधिकारों की बहाली के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
Neha Bora openly credits Bangladesh’s violent movement that killed 1,581 innocent people, as an inspiration to CJP’s movement in India. Anarchism, violence cannot ever be the path to establish righteousness. In another CJP press conference, Prashant Bhushan claims ‘regime change’ is true and right and that CJP will protest till there is a political transformation. This was never about the ECI. The plot and the conspiracies that have been around are coming out clearly. Any incompetent Government faces defeat at the hands of the people. No one owes any ‘extra’ role to abruptly end peace and disrupt the democratic process.
— aboyob bhuyan (@aboyobbhuyan) October 15, 2026
बांग्लादेश में 2024 में सरकारी नौकरियों में आरक्षण के विरोध से शुरू हुआ छात्र आंदोलन व्यापक सरकार-विरोधी प्रदर्शन में बदल गया था. भ्रष्टाचार के आरोपों और राजनीतिक असंतोष के बीच आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया. इस दौरान 500 से अधिक लोगों की मौत हुई. आखिरकार तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़कर भारत आना पड़ा. इस अशांत दौर में अल्पसंख्यक हिंदुओं और मंदिरों पर हमलों की भी खबरें सामने आई थीं.
नेहा बोरा के बयान के बाद वकील प्रशांत भूषण की टिप्पणी ने विवाद को और बढ़ा दिया. गुरुवार को नेहा बोरा और कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भूषण ने कहा कि सत्ता परिवर्तन जरूर होगा और वे सभी ऐसा चाहते हैं. उन्होंने सवाल किया कि इसमें गलत क्या है?
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने नेहा बोरा और प्रशांत भूषण के बयानों को राहुल गांधी की सोच से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता और उनसे जुड़े लोग भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरा हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का उद्देश्य केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि अराजकता के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करना है.
भंडारी ने बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि वहां भी भीड़ और विभिन्न समूहों के जरिए व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश हुई थी. उन्होंने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी ने नेहा बोरा को प्रमुख चेहरा बनाया है, इसलिए उनके विचार राहुल की सोच से मेल खाते हैं.
BJP के आईटी सेल प्रमुख दीपक म्हस्के ने भी आरोप लगाया कि इन बयानों से सड़कों पर अराजकता फैलाने की मंशा झलकती है. पार्टी ने दोनों टिप्पणियों को सत्ता परिवर्तन के लिए अराजकता को सही ठहराने की कोशिश बताया.
नेहा बोरा और राहुल गांधी ने इन आरोपों पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. वहीं, कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने BJP पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी लोकतंत्र का हवाला देकर युवा प्रदर्शनकारियों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है.