कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने चुनाव आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ 23 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है. पार्टी ने सरकार को ‘अवैध’ बताते हुए आंदोलन को चुनाव वाले राज्यों तक विस्तार देने की बात कही. संगठन के मुताबिक, इस अभियान में किसान, दलित, छात्र और जेनरेशन Z के युवा शामिल होंगे.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराई. पार्टी का कहना है कि SIR के दौरान कथित अनियमितताओं के सबूत जुटाकर अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा. संगठन ने दावा किया कि वह इस मामले की सुनवाई कर रहे समूह के सामने पहले ही सबूत पेश कर चुका है.
यह घोषणा 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए CJP के प्रदर्शन के कुछ दिन बाद आई है. उस दौरान ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध जताया गया था. पुलिस की भारी तैनाती के बीच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और अन्य नेताओं को जंतर-मंतर पहुंचने से पहले हिरासत में ले लिया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी में कई प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया. सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण कनॉट प्लेस, दिल्ली हाट और राजघाट सहित अन्य स्थानों पर छोटे प्रदर्शन हुए.
SIR प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों से विवाद बढ़ा है. द इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पुनरीक्षण से जुड़े कुछ फैसलों पर आपत्ति जताई थी. ये फैसले ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में लिए गए थे. हालांकि, चुनाव आयोग ने गड़बड़ी के आरोपों को खारिज किया है.