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'दरवाजा खुलवाया, तीन लोगों का खाना बनवाया', रियासी हमले में गिरफ्तार 'मददगार' का खुलासा

Reasi Terror Attack Update: पुलवामा के रियासी में तीर्थयात्रियों के बस पर आतंकी हमला मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. मामले में गिरफ्तार किए गए राजौरी जिले के शख्स ने खुलासा किया है कि आतंकियों ने उसके घर का दरवाजा खुलवाया था और तीन लोगों का खाना बनवाया था. फिर खाना जंगल लेकर आने को कहा था. गिरफ्तार शख्स ने एक आतंकी का स्कैच भी तैयार कराया है. फिलहाल, NIA यानी राष्ट्रीय जांच एजेंसी मामले की पड़ताल कर रही है.

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'दरवाजा खुलवाया, तीन लोगों का खाना बनवाया', रियासी हमले में गिरफ्तार 'मददगार' का खुलासा
Courtesy: Social Media

Reasi Terror Attack Update: जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में तीर्थयात्रियों की बस पर हमला करने के कुछ ही देर बाद आतंकियों ने एक स्थानीय शख्स को अपनी मदद के लिए 5000 रुपये दिए थे. रियासी में तीन आतंकियों ने 9 जून को तीर्थयात्रियों की बस पर हमला कर 9 लोगों की हत्या कर दी थी. जिस शख्स को आतंकियों ने अपनी मदद के लिए 5000 रुपये दिए थे, उसे जम्मू कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उसकी मदद से NIA ने दो आतंकियों के स्कैच भी तैयार कराए हैं. गिरफ्तार शख्स ने बताया कि खाना बनाने के एवज में आतंकियों ने उसे पैसे दिए थे. 

हमले की जांच शुरुआत में जम्मू-कश्मीर पुलिस कर रही थी. बाद में गृह मंत्रालय के निर्देश पर जांच को राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिया गया था. 20 जून को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने राजौरी जिले के 45 साल के हाकम दीन को गिरफ़्तार किया था. गिरफ्तार हाकम माता वैष्णो देवी मंदिर में कुली का काम करता था, लेकिन 3 साल पहले उसने ये काम छोड़ दिया था और मवेशियों का कारोबार करने लगा. मामला एनआईए को सौंपे जाने से पहले, सीनियर एसपी मोहिता शर्मा ने हाकम को आतंकियों का सहयोगी बताया था.

गिरफ्तार 'मददगार' ने पूछताछ में क्या-क्या बताया?

गिरफ्तारी के बाद कई एजेंसियों ने हाकम से पूछताछ की. जांच से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि गिरफ्तार किए गए हाकम का दावा है कि हमलावरों से उसकी पहली मुलाकात 1 जून को शाम 5.30 बजे हुई थी. हमलावर उसके घर पहुंचे थे और दरवाजा खटखटाया था. जब उसने दरवाजा खोला तो हमलावरों ने तीन लोगों के लिए खाना बनाने को कहा. तीनों हमलावरों में से एक, दूसरे को 'मंज़ूर भाई' कह रहा था. हाकम ने बताया कि तीनों ने खाना बन जाने के बाद उसे लेकर जंगल आने को कहा था, जहां वे छिपकर बैठे थे.

सूत्र ने बताया कि 7 जून को तीनों आतंकवादी फिर से उसके घर आए और उसे पौनी की रेकी के लिए अपने साथ चलने को कहा, जहां हमला हुआ था. वे वहां करीब साढ़े तीन घंटे तक रहे. वे हमले के लिए रणनीतिक स्थान चुनने और सड़क की ढलान की पहचान करने के लिए अलग-अलग जगहों पर बैठे, जहां गाड़ियां धीमी होती थी. तीनों आतंकियों ने इस तरह के कई प्वाइंट्स को चिन्हित किया और हाकम से पर्यटक बसों की आवाजाही के बारे में भी पूछा.

8 जून को भी हमलावर हाकम के घर पहुंचे

रेकी करने के एक दिन बाद, तीनों आतंकी एक बार फिर हाकम के घर चाय पीने गए और प्लानिंग पर चर्चा की. सूत्र ने बताया कि 8 जून को तीनों आतंकी खाना लेकर चले गए. 9 जून को, वे चिह्नित किए गए स्थानों पर वापस आए और तीर्थयात्रियों को ले जाने वाली बस का इंतजार किया. जब तीर्थयात्रियों की बस आई, तो उन्होंने सबसे पहले ड्राइवर को निशाना बनाया. फायरिंग के बाद ड्राइवर ने बस से नियंत्रण खो दिया. इसके बाद भी आतंकी ताबड़तोड़ फायरिंग करते रहे, जिससे बस खाई में गिर गई.

हमले के बाद, आतंकियों ने हाकम को 5000 रुपये दिए और उसे भाग जाने को कहा. सूत्र ने कहा कि हाकम की ओर से दी गई डिटेल के आधार पर हमलावरों के दो नए स्केच तैयार किए गए हैं और उन्हें केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ शेयर किया गया है. सूत्रों ने कहा कि हमें संदेह है कि आतंकवादी नियंत्रण रेखा के पार से घुसपैठ कर आए हैं और अभी भी घने जंगलों में छिपे हुए हैं. तीसरे हमलावर का स्केच पहले ही जारी किया जा चुका है और उसकी गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले को 20 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है.