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Lok Sabha Elections 2024: नासिक से राज ठाकरे की चुनावी हुंकार, उद्धव ठाकरे का बिगाड़ेंगे खेल!

Raj Thackeray: राज ठाकरे की पार्टी मनसे की 18वीं वर्षगांठ पर राज्यभर से पदाधिकारीयों और कार्यकर्ताओं नासिक में जुटेंगे. राज ठाकरे का 3 दिनों का नासिक दौरा अपने आप में बेहद खास है. इस दौरान वह विशाल जन समुदाय को सभा के जरिए संबोधित करेंगे. 

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Lok Sabha Elections 2024: नासिक से राज ठाकरे की चुनावी हुंकार, उद्धव ठाकरे का बिगाड़ेंगे खेल!

Raj Thackeray: महाराष्ट्र के नासिक जिले के प्रसिद्ध काला राम मंदिर में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे आज दर्शन-पूजन करेंगे. राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पहले पीएम मोदी भी काला राम मंदिर पहुंचे थे और मंदिर की साफ-सफाई के साथ पूजा पाठ किया था. उसके बाद प्राण प्रतिष्ठा के दिन उद्धव ठाकरे भी इस मंदिर में अपना माथा टेका था. इसके बाद से ही ये मंदिर चर्चा का विषय बना हुआ है.

अब राज ठाकरे आज इस मंदिर में जायेंगे और पूजा पाठ करेंगे. दर्शन-पूजन के बाद राज ठाकरे मनसे नेताओ के साथ बैठक करेंगे और लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा करेंगे. राज ठाकरे 3 दिन तक नासिक में ही रहेंगे और 9 मार्च को पार्टी के 18वें स्थापना स्थापना दिवस के दिन एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे. 

नासिक महानगर मनसे की सियासी दखल मजबूत 

दरअसल राज ठाकरे की पार्टी मनसे पूर्व में नासिक महानगर पालिका में सत्ता में रही है. नासिक में मनसे की अच्छा-खासा वोट बैंक है, जिसे राज ठाकरे कैश करना चाहते है. वहीं बीजेपी और शिंदे गुट इस सीट पर एक मजबूत उम्मीदवार उतारना चाहती है. ऐसे में राज ठाकरे का 3 दिनों का नाशिक दौरा अपने आप में बेहद खास है. नाशिक में राज की पार्टी जब सत्ता में थी उस समय नाशिक पैटर्न की खूब चर्चा रही लेकिन राजनीतिक शह मात के खेल में राज फेल हुए और दुबारा सत्ता में नही लौट पाए. 

राज ठाकरे युति गठबंधन को दे सकते है अपना समर्थन 

सियासी गलियारों के अंदरखाने यह भी चर्चा है कि अगर राज ठाकरे की पार्टी को लोकसभा में एक सीट मिलती है तो राज ठाकरे युति गठबंधन को अपना समर्थन दे सकते है. ऐसे में उद्धव ठाकरे के लिए सिर्फ नासिक ही नहीं बल्कि मुंबई ठाणे नवी मुंबई कल्याण से लेकर पूना रायगढ़ तक नुकसान झेलना पड़ सकता है. मराठी वोट बैंक में राज की पकड़ से इनकार नहीं किया जा सकता. आज भी राज ठाकरे के भाषणों में बाला साहेब ठाकरे की झलक देखने को मिलती है और वह सीधे तौर पर हिंदुत्व का मुद्दा उठाते रहते है. ऐसे में राज ठाकरे के अगले सियासी कदम को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है.