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'...तो आपके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी', किस बात पर राहुल गांधी से ऐसा बोले खड़गे?

खड़गे ने भी राहुल से कहा कि चूंकि कांग्रेस कार्यसमिति ने प्रस्ताव पारित कर दिया है, इसलिए उन्हें पद संभालना चाहिए. उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि अगर वे CWC के फैसले पर ध्यान नहीं देंगे तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी.

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India Daily Live

कांग्रेस कार्यसमिति ने शनिवार को एक प्रस्ताव पारित कर कहा है कि राहुल गांधी को लोकसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका संभालनी चाहिए. कांग्रेस संसदीय दल की दोबारा अध्यक्ष चुनी गईं सोनिया गांधी से जब शनिवार को इससे जुड़ा सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि आपको उनसे (राहुल गांधी) पूछना चाहिए. पिछले 10 साल यानी 2014 और 2019 में किसी भी विपक्षी दल को ये पद नहीं मिला था क्योंकि कोई भी पार्टी लोकसभा में विपक्ष के नेता के लिए जरूरी 54 सांसदों यानी लोकसभा की ताकत का 10 प्रतिशत से कम थे. 

लोकसभा चुनावों में पार्टी के उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन से उत्साहित CWC ने राहुल गांधी की जमकर तारीफ की और सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर राहुल से लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद संभालने को कहा. खड़गे ने भी राहुल से कहा कि चूंकि सीडब्ल्यूसी ने एक प्रस्ताव पारित किया है, इसलिए उन्हें पद संभाल लेना चाहिए. उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि यदि वह सीडब्ल्यूसी के फैसले पर ध्यान नहीं देंगे तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक के बाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) और अलपुझा से सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि CWC ने सर्वसम्मति से राहुल गांधी से लोकसभा में विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी संभालने का अनुरोध किया है. सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी ने नेतृत्व को सूचित किया है कि वह जल्द ही निर्णय लेंगे. 

अपने प्रस्ताव में CWC ने क्या कहा?

अपने प्रस्ताव में, CWC ने कहा कि राहुल गांधी की सोच और व्यक्तित्व को दर्शाने वाली 'भारत जोड़ो यात्रा' और 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' देश की राजनीति में ऐतिहासिक मोड़ थीं. इन दोनों यात्राओं ने हमारे लाखों कार्यकर्ताओं और हमारे करोड़ों मतदाताओं में आशा और विश्वास जगाया है. राहुल गांधी का चुनाव अभियान एकतरफा और सटीक था. उन्होंने 2024 के चुनावों में हमारे गणतंत्र के संविधान की सुरक्षा को केंद्रीय मुद्दा बनाया था.

प्रस्ताव में कहाक गया कि 5 न्याय-25 गारंटी कार्यक्रम, जो चुनाव अभियान में बहुत शक्तिशाली रूप से सामने आया, राहुल गांधी की यात्राओं का परिणाम था, जिसमें उन्होंने सभी लोगों (विशेषकर युवाओं, महिलाओं, किसानों, श्रमिकों, दलितों, आदिवासियों, ओबीसी और अल्पसंख्यकों) की आशंकाओं, चिंताओं और आकांक्षाओं को सुना.

बैठक के बाद एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा कि चुनाव के दौरान हमने कई ज्वलंत मुद्दे उठाए थे, जिनमें बेरोजगारी, महंगाई, अग्निवीर, महिलाएं और सामाजिक न्याय के मुद्दे शामिल थे. इन मुद्दों को संसद के अंदर भी बड़े पैमाने पर उठाने की जरूरत है. संसद के अंदर इस अभियान का नेतृत्व करने के लिए राहुल गांधी सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं और ये CWC का विचार है.

CWC ने कुछ राज्यों में प्रदर्शन को लेकर जताई चिंता

CWC की बैठक में कुछ राज्यों, खासकर मध्य प्रदेश , पश्चिम बंगाल , दिल्ली और पार्टी शासित हिमाचल प्रदेश में पार्टी के खराब प्रदर्शन को लेकर चिंता जताई. पार्टी अध्यक्ष खड़गे ने तय किया कि वे एक समिति गठित करेंगे जो कुछ राज्यों में हार के कारणों और कारकों पर गौर करेगी और कमियों को दूर करने के लिए कदम सुझाएगी. सूत्रों ने बताया कि कुछ राज्य कांग्रेस अध्यक्षों को जल्द ही बदला जा सकता है.

99 सीटों पर कांग्रेस ने जमाया है कब्जा

2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली जीत में सिर्फ़ 44 और 2019 में 52 लोकसभा सीटें जीतने वाली कांग्रेस इस बार 99 सीटें जीतने में कामयाब रही है. कांग्रेस के गठबंधन ने 232 सीटों पर जीत हासिल की है. वहीं, भाजपा 272 के बहुमत के आंकड़े से 32 सीटों से पीछे रह गई. भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए ने 293 सीटों पर जीत हासिल किया है. लिहाजा, नरेंद्र मोदी रविवार यानी आज तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे.