Bihar Assembly Election 2025 : बिहार चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर मचे राजनीतिक घमासान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर 'वोट चोरी' का गंभीर आरोप लगाया है.
उन्होंने अपने बयान में कई बार "फॉर्म 6" का उल्लेख किया और दावा किया कि इसके ज़रिए नए मतदाताओं को जोड़ने की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी हो रही है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक है. इस आरोप के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है. लेकिन सवाल यह है कि आखिर फॉर्म 6 है क्या और इसका इस्तेमाल कैसे होता है?
फॉर्म 6 चुनाव आयोग द्वारा जारी एक आधिकारिक दस्तावेज़ है, जिसका उपयोग 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के भारतीय नागरिक अपने नाम को मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए करते हैं. यह फॉर्म उन लोगों के लिए भी उपयोगी है जो किसी दूसरी विधानसभा क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं और वहां नया पंजीकरण कराना चाहते हैं. इसे voters.eci.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन भरा जा सकता है या ऑफलाइन डाउनलोड करके संबंधित निर्वाचन कार्यालय में जमा किया जा सकता है.
नये मतदाता बनने के लिए फॉर्म 6 भरना बहुत सरल है.
1. सबसे पहले वोटर सर्विस पोर्टल पर साइनअप करें और उसके बाद मोबाइल नंबर व पासवर्ड से लॉगिन करें.
2. ‘फॉर्म’ सेक्शन में ‘फिल फॉर्म 6’ पर क्लिक करें.
3. अपनी स्टेट, डिस्ट्रिक्ट, कंस्टीट्यूएंसी, पर्सनल डिटेल्स जैसे नाम, जन्म की तारीफ, लिंग, रिश्तेदार का नाम, कांटेक्ट डिटेल्स, आधार नंबर (ऑप्शनल)और एड्रेस फिल करें.
4. एक 4.5 x 3.5 cm साइज का पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करें, जिसका साइज का हो. इसके बाद डिक्लेरेशन दें.
5. सबमिट करने के बाद लोकल निर्वाचन अधिकारी (ERO) या बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) आपकी जानकारी चेक करते हैं. अगर सब ठीक रहा तो आपका नाम वोटर लिस्ट में जोड़ दिया जाता है. वोटर आईडी कार्ड पोस्ट से मिलता है.
फॉर्म 6 का मुख्य उद्देश्य नए मतदाताओं को चुनावी सूची में शामिल करना है, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके. यह फॉर्म न केवल नए पंजीकरण के लिए बल्कि पता बदलने या पुराने रिकॉर्ड को अपडेट करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है. चुनाव आयोग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल टूल्स और आधार सत्यापन का उपयोग करता है, ताकि फर्जीवाड़े से बचा जा सके.
Vote Chori सिर्फ़ एक चुनावी घोटाला नहीं, ये संविधान और लोकतंत्र के साथ किया गया बड़ा धोखा है।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 8, 2025
देश के गुनहगार सुन लें - वक़्त बदलेगा, सज़ा ज़रूर मिलेगी। pic.twitter.com/tR7wh589fN
राहुल गांधी का कहना है कि कई स्थानों पर फॉर्म 6 का दुरुपयोग हो रहा है और नियमों का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे मतदाता सूची में गड़बड़ी की आशंका है. हालांकि, चुनाव आयोग ने बिहार में प्रारूप मतदाता सूची जारी करते हुए दावा किया है कि किसी भी वोटर का नाम बिना कारण नहीं हटाया जाएगा और 91.32% फॉर्म डिजिटल रूप से प्रोसेस हो चुके हैं. फिलहाल आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण-2025 के तहत नए मतदाताओं को जोड़ने और सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. आरोप सही हैं या नहीं, इसका जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन इतना तय है कि फॉर्म 6 लोकतंत्र की नींव में अहम भूमिका निभाता है.