'क्या धर्म के हिसाब से बदलता है पैमाना', मनुस्मृति पर राहुल गांधी के बयान के जबाव में बीजेपी ने दिखाया हिजाब वाला वीडियो
मनुस्मृति को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी पर बीजेपी ने उनका पुराना हिजाब वाला वीडियो साझा कर निशाना साधा. पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या महिला स्वतंत्रता को लेकर धर्म के आधार पर अलग-अलग नजरिया अपनाया जाता है.
नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के मनुस्मृति संबंधी बयान को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है. बीजेपी ने उनके पुराने बयान का वीडियो सामने रखकर कांग्रेस नेता पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है. पार्टी ने पूछा कि महिलाओं की आजादी और अधिकारों के मुद्दे पर क्या सभी धर्मों के लिए एक ही पैमाना होना चाहिए.
पुराने वीडियो के जरिए बीजेपी का हमला
बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी का एक पुराना वीडियो साझा किया है. वीडियो में एक कार्यक्रम के दौरान एक युवती उनसे हिजाब पहनने को महिलाओं की स्वतंत्रता से जोड़कर सवाल करती नजर आती है. जवाब में राहुल गांधी कहते हैं कि यदि कोई महिला हिजाब पहनना चाहती है तो यह उसकी अपनी पसंद होनी चाहिए.
उन्होंने अबाया या अपनी पसंद के किसी अन्य पहनावे का विकल्प चुनने को भी महिला की स्वतंत्रता से जोड़ा था. इसी पुराने बयान को आधार बनाकर बीजेपी ने अब राहुल गांधी पर निशाना साधा है. पार्टी का कहना है कि महिलाओं की आजादी को लेकर कांग्रेस नेता अलग-अलग परिस्थितियों में अलग दृष्टिकोण रखते हैं.
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बीजेपी ने पूछा- क्या धर्म के हिसाब से बदलता है पैमाना?
राहुल गांधी के पुराने वीडियो को साझा करते हुए बीजेपी ने उन पर तीखा राजनीतिक हमला किया. पार्टी ने आरोप लगाया कि मनुस्मृति और हिंदू महिलाओं के संदर्भ में राहुल गांधी पितृसत्ता के खिलाफ बोलते हैं, लेकिन हिजाब और अबाया के मामले में वही बात व्यक्तिगत पसंद और स्वतंत्रता के रूप में देखते हैं.
बीजेपी ने सवाल किया कि अगर महिला सशक्तिकरण ही उद्देश्य है, तो महिलाओं की स्वतंत्रता के लिए सभी मामलों में एक जैसा नजरिया क्यों नहीं होना चाहिए. पार्टी ने राहुल गांधी से यह भी पूछा कि क्या महिलाओं की आजादी को लेकर उनका दृष्टिकोण धर्म के आधार पर बदल जाता है. इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है.
पुणे में राहुल गांधी ने मनुस्मृति पर क्या कहा था?
मौजूदा विवाद की शुरुआत 22 अगस्त को पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से हुई. यहां राहुल गांधी ने महिलाओं की सामाजिक पहचान और स्वतंत्रता पर बात करते हुए मनुस्मृति का संदर्भ दिया था. उन्होंने कहा था कि महिलाओं को केवल मां, पत्नी या बेटी जैसी पारंपरिक भूमिकाओं तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए.
राहुल गांधी ने मनुस्मृति में महिलाओं की स्वतंत्रता से जुड़े कथित प्रावधान का उल्लेख करते हुए कहा कि बचपन में महिला पिता, युवावस्था में पति और पति की मृत्यु के बाद बेटे के अधीन रहती है. उन्होंने कहा कि भारत की ताकत तब बढ़ती है जब महिलाएं स्वतंत्र होकर अपने फैसले खुद लें और अपने ऊपर भरोसा रखें.
राहुल बोले- महिला की पहचान सिर्फ रिश्तों से नहीं
कार्यक्रम में राहुल गांधी ने महिलाओं की पहचान को लेकर भी अपनी बात रखी थी. उन्होंने कहा था कि पुरुषों से बातचीत के दौरान कई बार महिलाओं को बेटी, पत्नी या मां के रूप में ही देखा जाता है. उन्होंने स्पष्ट किया था कि इन रिश्तों में कोई समस्या नहीं है, लेकिन किसी महिला की पूरी पहचान केवल इन्हीं भूमिकाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि आज महिलाएं अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं और पेशेवर जीवन से लेकर खेल तक में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रही हैं. इसी बयान के बाद बीजेपी ने राहुल गांधी के पुराने हिजाब संबंधी वीडियो को सामने रखकर उनके रुख पर सवाल खड़े किए हैं. इस मुद्दे ने एक बार फिर महिला स्वतंत्रता, व्यक्तिगत पसंद और राजनीति में धर्म के संदर्भ को बहस के केंद्र में ला दिया है.