विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, अस्थायी बिजली बिल से नहीं छिनेगी 300 यूनिट फ्री बिजली

पंजाब सरकार ने मीटर रीडरों की हड़ताल के दौरान अस्थायी बिलिंग से प्रभावित 63,702 पात्र उपभोक्ताओं को राहत दी है. इन परिवारों का 300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ सुरक्षित रहेगा और बिलिंग संबंधी गलतियां सुधारी जाएंगी.

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Kanhaiya Kumar Jha

चंडीगढ़: पंजाब में बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर सामने आई है. पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया है कि अस्थायी बिलिंग या तकनीकी गड़बड़ी के कारण किसी पात्र परिवार को 300 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा. बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच मीटर रीडरों की हड़ताल के कारण कई घरों में वास्तविक मीटर रीडिंग नहीं हो सकी थी. इससे हजारों उपभोक्ताओं के बिल प्रभावित हुए.

मीटर रीडरों की हड़ताल के कारण समय पर मीटर रीडिंग नहीं मिलने पर बिजली विभाग ने पिछले औसत उपयोग के आधार पर अस्थायी बिल तैयार किए थे. बाद में वास्तविक रीडिंग मिलने पर पुरानी खपत का समायोजन किया गया. इस प्रक्रिया में कुछ उपभोक्ताओं के बिल अचानक सामान्य से काफी अधिक नजर आने लगे. सरकार ने अब ऐसे मामलों में पात्र परिवारों को राहत देने का फैसला किया है.

63,702 उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ

बिजली मंत्री के अनुसार पंजाब में करीब 78 लाख उपभोक्ता हैं. इनमें 63,702 उपभोक्ता अस्थायी बिलिंग से प्रभावित हुए हैं. सरकार ने कहा है कि पात्र परिवारों का संबंधित अवधि का 300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ बरकरार रहेगा. बिल में अधिक खपत दिखाई देने या बिलिंग प्रक्रिया में हुई गलती के कारण यह सुविधा खत्म नहीं होगी.


एकीकृत बिलिंग प्रणाली से भी आई परेशानी

मंत्री ने बताया कि इस साल बिलिंग व्यवस्था में बदलाव भी समस्याओं की एक वजह बना. जनवरी में अलग-अलग पुरानी बिलिंग व्यवस्थाओं को मिलाकर एकीकृत प्रणाली लागू की गई थी. बड़ी संख्या में उपभोक्ता और बिलिंग आंकड़े नई व्यवस्था में स्थानांतरित किए गए. इस दौरान कुछ तकनीकी खामियां सामने आईं, जिनके कारण कुछ मामलों में पिछली मीटर रीडिंग सही तरीके से उपलब्ध नहीं हो सकी.

अब असामान्य बिल होंगे चिन्हित

सरकार के मुताबिक बिलिंग व्यवस्था में सामने आई तकनीकी कमियों को दूर करने के लिए जरूरी सुधार किए जा चुके हैं. नई प्रणाली में सामान्य खपत की तुलना में असामान्य रूप से ज्यादा खपत दिखाने वाले बिलों को स्वतः चिन्हित किया जाएगा. ऐसे बिलों की जांच के बाद ही उन्हें जारी करने की व्यवस्था की जा रही है. इससे भविष्य में गलत बिल जारी होने की संभावना कम होगी.

उपभोक्ताओं को नहीं होगी मुफ्त बिजली की चिंता

सरकार ने साफ किया है कि तकनीकी समस्या या अस्थायी बिलिंग के कारण पात्र परिवारों का मुफ्त बिजली का अधिकार प्रभावित नहीं होगा. वास्तविक मीटर रीडिंग और खपत के आधार पर जरूरी समायोजन किया जाएगा. सरकार का यह फैसला उन हजारों उपभोक्ताओं के लिए राहत वाला है, जिन्हें अचानक बढ़े हुए बिजली बिल मिलने के बाद 300 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ खोने की आशंका थी.