नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के पुत्तूर कस्बे से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां 28 वर्षीय पद्मा ने अपनी दो छोटी बेटियों के साथ अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. पुलिस जांच में सामने आया है कि पद्मा अपने पति शिवशंकर के कर्ज से बेहद तंग आ चुकी थी. सुसाइड नोट में उसने प्रेम विवाह को जीवन की सबसे बड़ी गलती बताया.
पद्मा और शिवशंकर कॉलेज के दिनों से दोस्त थे. जब उन्होंने शादी का फैसला किया, तो पद्मा के माता-पिता ने शिवशंकर की बेरोजगारी और जाति के अंतर का हवाला देते हुए कड़ा विरोध किया था. बावजूद इसके, पद्मा ने 2019 में अपने परिवार के खिलाफ जाकर शिवशंकर से विवाह किया. आज वही फैसला उसकी मौत का कारण बन गया. उसने अपने नोट में लिखा कि माता-पिता की बात न मानना उसके जीवन का सबसे बड़ा पाप था.
शादी के बाद शिवशंकर ने जिम्मेदारी निभाने के बजाय गांववालों से भारी कर्ज लेना शुरू कर दिया. पद्मा खुद 'ग्रामीण इलाकों में महिलाओं और बच्चों का विकास' (DWCRA) समूह की सदस्य थी. उसने घर चलाने के लिए लोन लिया था, लेकिन शिवशंकर उसे चुकाने में असमर्थ रहा. वह अकेले ही बच्चों की स्कूल फीस और घर का किराया मैनेज करने के लिए संघर्ष कर रही थी.
दो दिन पहले गांव के बुजुर्गों ने शिवशंकर को फटकारा तो उसने सुधरने का वादा किया. उसने दावा किया कि उसे श्री सिटी में नौकरी मिल गई है. शनिवार को पद्मा ने उसे फोन कर पूछा कि क्या उसने लोन की किस्त चुका दी है. जब शिवशंकर ने 'नहीं' में जवाब दिया, तो पद्मा की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई. इसी निराशा में उसने सुसाइड नोट लिखा और बच्चों को मारकर खुद को भी खत्म कर लिया.
जब शिवशंकर शाम को घर लौटा, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला. कोई जवाब न मिलने पर उसने अपने ससुर को बुलाया. जब दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर पद्मा और उसकी दोनों बेटियों की लाशें मिलीं. इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद हर शख्स का कलेजा कांप उठा. जानकारी मिलते ही पुत्तूर के डीएसपी रविकुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. पुलिस ने शिवशंकर को फिलहाल हिरासत में ले लिया है.
सुसाइड नोट में पद्मा ने अपने पति शिवशंकर को संबोधित करते हुए अपनी सारी तकलीफें बयां कीं. उसने लिखा कि शिवशंकर में वह हर बुरा गुण है जो एक पत्नी कभी नहीं चाहेगी. उसने पति से कहा कि मेरे मरने के बाद तुम फिर से शादी करोगे, लेकिन कम से कम इस बार जिम्मेदार बनना. पद्मा ने अपनी कोख से पैदा हुए बच्चों के लिए भी गहरा दुख जताया, जिन्हें उसके गलत फैसले की वजह से दर्द सहना पड़ा.
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