‘आतंक के खिलाफ सटीक प्रहार’, राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर क्या-क्या कहा?

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ऑपरेशन सिंदूर, सिंधु जल संधि, गरीबी, डिजिटल अर्थव्यवस्था, नक्सलवाद और युवाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए देश की प्रगति रेखांकित की.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर आर्थिक विकास तक कई मुद्दों पर सरकार और देश की उपलब्धियां सामने रखीं. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता का उदाहरण बताया और आतंकवाद को संरक्षण देने वाले देश के साथ सिंधु जल संधि को स्थगित करने के फैसले को राष्ट्रीय हित से जोड़ा. राष्ट्रपति ने गरीबी, खाद्य सुरक्षा, डिजिटल लेनदेन और युवाओं की भूमिका पर भी बात की.

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सटीक कार्रवाई करने में भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता को सामने रखा. उन्होंने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख से जोड़ा. राष्ट्रपति के संबोधन में राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रमुख स्थान मिला और उन्होंने देश की संप्रभुता तथा नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया.

सिंधु जल संधि पर राष्ट्रीय हित का जोर

राष्ट्रपति ने आतंकवाद को संरक्षण देने वाले देश के साथ सिंधु जल संधि को स्थगित करने के फैसले को निर्णायक कदम बताया. उन्होंने कहा कि यह फैसला राष्ट्रीय हित में है और इसका महत्व विशेष रूप से किसानों के लिए है. संबोधन में जल संसाधनों और कृषि से जुड़े हितों को भी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ जोड़ा गया.


25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर

राष्ट्रपति ने कहा कि समावेशी विकास की योजनाओं के जरिए पिछले एक दशक में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं. उन्होंने खाद्य सुरक्षा का भी उल्लेख किया. उनके मुताबिक, मुफ्त राशन योजना के माध्यम से 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों तक खाद्य सुरक्षा पहुंचाने का लक्ष्य हासिल किया गया है. उन्होंने इसे सामाजिक कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया.

डिजिटल भारत और अर्थव्यवस्था की रफ्तार

मुर्मू ने कहा कि दुनिया के रियल टाइम डिजिटल लेनदेन में भारत की हिस्सेदारी आधे से अधिक है. वैश्विक युद्ध और अस्थिरता के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था के दुनिया की औसत वृद्धि दर से दोगुने से अधिक गति से बढ़ने का अनुमान है. उन्होंने बस्तर में विकास और सांस्कृतिक भागीदारी का उल्लेख करते हुए नक्सलवाद मुक्त भारत को भी बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि बताया.

युवाओं से परीक्षा सुधार तक कई मुद्दे

राष्ट्रपति ने सार्वजनिक परीक्षाओं में सुधार, अनुचित साधनों पर रोक और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे कदमों का जिक्र किया. उन्होंने हाल में सफल अंतरिक्ष रॉकेट प्रक्षेपण का उदाहरण देते हुए युवा शक्ति की तारीफ की. उन्होंने बताया कि इस मिशन का नेतृत्व करने वाली टीम की औसत उम्र करीब 28 वर्ष थी. राष्ट्रपति ने न्याय व्यवस्था से जुड़े लोगों से भी अपील की कि संसाधनों की कमी के कारण किसी व्यक्ति को न्याय से वंचित न होना पड़े.