प्यू रिसर्च सेंटर के ताजा सर्वे ने दुनिया में भारत की छवि को लेकर दिलचस्प तस्वीर पेश की है. फरवरी से मई 2026 के बीच 36 देशों में 42,000 से अधिक लोगों की राय ली गई. सर्वे में औसतन 45 प्रतिशत लोगों ने भारत के प्रति सकारात्मक, जबकि 41 प्रतिशत ने नकारात्मक राय जताई. इससे पता चलता है कि वैश्विक स्तर पर भारत के प्रति सकारात्मकता थोड़ी अधिक है.
भारत को सबसे ज्यादा सकारात्मक रेटिंग श्रीलंका में मिली, जहां 79 प्रतिशत लोगों ने भारत के प्रति अनुकूल राय व्यक्त की. वहीं सिर्फ 11 प्रतिशत ने नकारात्मक रुख अपनाया. करीब 63 प्रतिशत श्रीलंकाई लोगों ने भारत को अपने देश का प्रमुख सहयोगी भी माना. 2024 के मुकाबले यह बड़ा सुधार है, जब भारत के पक्ष में 65 प्रतिशत राय थी. आर्थिक संकट के बाद भारत की मदद ने दोनों देशों के रिश्तों को मजबूती दी है.
भारत को केन्या और ब्रिटेन में 71-71 प्रतिशत सकारात्मक रेटिंग मिली. जर्मनी में 63 प्रतिशत, इजरायल में 60 प्रतिशत, इटली में 56 प्रतिशत और स्वीडन में 55 प्रतिशत लोगों ने भारत के प्रति अनुकूल राय जताई. एशिया में भी जापान के 55 प्रतिशत, सिंगापुर के 51 प्रतिशत और इंडोनेशिया के 50 प्रतिशत लोगों ने भारत को सकारात्मक नजर से देखा.
भारत के पड़ोसी देशों में राय एक जैसी नहीं है. बांग्लादेश में 42 प्रतिशत लोगों की राय सकारात्मक, जबकि 51 प्रतिशत की नकारात्मक रही. मलेशिया में भी 58 प्रतिशत लोगों ने भारत को लेकर नकारात्मक राय दी. इसके विपरीत थाईलैंड में 55 प्रतिशत और फिलीपींस में 49 प्रतिशत लोगों ने भारत को सकारात्मक माना. पड़ोसी देशों में राजनीतिक घटनाक्रम का असर साफ दिखाई देता है.
पाकिस्तान सर्वे में भारत के प्रति सबसे नकारात्मक नजरिया रखने वाला देश रहा. यहां 91 प्रतिशत लोगों ने भारत के बारे में प्रतिकूल राय जताई, जबकि सिर्फ 7 प्रतिशत ने सकारात्मक रुख अपनाया. दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक और सुरक्षा तनाव को इसकी प्रमुख वजह माना जा सकता है. तुर्किये में सिर्फ 15 प्रतिशत लोगों ने भारत को सकारात्मक रेटिंग दी.
अमेरिका में भारत को लेकर लोगों की राय लगभग विभाजित नजर आई. 50 प्रतिशत अमेरिकियों ने भारत के प्रति नकारात्मक और 45 प्रतिशत ने सकारात्मक राय व्यक्त की. 2023 में भारत को लेकर सकारात्मक राय 51 प्रतिशत थी, जो 2026 में घटकर 45 प्रतिशत रह गई. डेमोक्रेट्स में 50 प्रतिशत ने भारत को सकारात्मक माना, जबकि रिपब्लिकन समर्थकों में यह आंकड़ा 42 प्रतिशत रहा.
सर्वे से स्पष्ट है कि भारत की वैश्विक छवि क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग है. एशिया और अफ्रीका के कई देशों में भारत को मजबूत समर्थन मिल रहा है, जबकि पश्चिमी देशों में राय अधिक विभाजित है. अमेरिका में बदलता नजरिया और पड़ोसी देशों की मिश्रित प्रतिक्रिया भारत के सामने कूटनीतिक चुनौतियों को भी रेखांकित करती है.