Inspiring Journey: मुख्य परीक्षा के दौरान एक्सीडेंट, दर्द में भी नहीं टूटा हौसला; पहली कोशिश में IPS बने सफीन हसन

सरकारी स्कूल से पढ़ाई शुरू करने वाले सफीन ने महज 22 साल की उम्र में यूपीएससी परीक्षा पास कर आईपीएस बनने का सपना पूरा किया था.

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Reepu Kumari

Safin Hasan Inspiring Journey: गुजरात पुलिस के आईपीएस अधिकारी सफीन हसन इन दिनों अपने एक अलग अंदाज को लेकर चर्चा में हैं. हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वे गणपति बप्पा की भक्ति में डूबे नजर आ रहे थे. पुलिस अधिकारी की वर्दी से अलग उनका यह रूप लोगों का ध्यान खींच रहा है. इससे पहले भी वे भगवान श्रीकृष्ण और भगवद्गीता पर अपने विचार साझा कर चुके हैं. उनका कहना है कि धर्म से ज्ञान लेना चाहिए और अच्छी बातों को जीवन में उतारना चाहिए.

छोटे गांव से शुरू हुआ बड़ा सपना

सफीन हसन का जन्म बनासकांठा जिले के कानोदरा गांव में हुआ था. उनकी शुरुआती शिक्षा सरकारी स्कूल में हुई. बचपन से ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का सपना देखा था. आगे चलकर उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक किया. इंजीनियरिंग के बाद उनके सामने नौकरी और प्लेसमेंट के रास्ते थे, लेकिन उन्होंने करियर की दिशा पहले ही तय कर रखी थी. उन्होंने नौकरी के बजाय यूपीएससी की तैयारी को प्राथमिकता दी और अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा.

GPSC में मिली सफलता, फिर भी नहीं बदला लक्ष्य

यूपीएससी की तैयारी के दौरान सफीन हसन ने गुजरात लोक सेवा आयोग की परीक्षा भी दी. इसमें उन्हें राज्य स्तर पर 34वीं रैंक मिली और जिला रजिस्ट्रार के पद के लिए चयन हुआ. हालांकि, उनके लिए यह मंजिल नहीं थी. बचपन से आईपीएस अधिकारी बनने का सपना देखने वाले सफीन ने यूपीएससी की तैयारी जारी रखी. आखिरकार 2018 की सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने सफलता हासिल की और भारतीय पुलिस सेवा में जगह बनाई. इसके बाद उनका चयन गुजरात कैडर में हुआ.


चोट लगी, लेकिन परीक्षा देने से नहीं रुके

सफीन हसन की यूपीएससी यात्रा चुनौतियों से भरी रही. मुख्य परीक्षा के दौरान वे एक हादसे का शिकार हो गए थे. इस दुर्घटना में उनके पैर समेत शरीर के अन्य हिस्सों में चोट आई थी. इसके बावजूद उन्होंने परीक्षा छोड़ने का फैसला नहीं किया. दर्दनिवारक दवाएं लेकर वे परीक्षा केंद्र पहुंचे और चोटिल अवस्था में अपने सभी पेपर पूरे किए. उनकी यही जिद और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता उनकी सफलता की कहानी का अहम हिस्सा बन गई.

गुजराती माध्यम से पढ़े, अंग्रेजी में दिया इंटरव्यू

सफीन हसन ने शुरुआती पढ़ाई गुजराती माध्यम से की थी. उन्होंने यूपीएससी की लिखित परीक्षा गुजराती भाषा में दी, जबकि इंटरव्यू के लिए अंग्रेजी भाषा चुनी. आईपीएस बनने के बाद उन्होंने गुजरात कैडर में प्रशिक्षण पूरा किया और जामनगर में असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस की जिम्मेदारी संभाली. बाद में उन्होंने जामनगर और भावनगर में सेवा दी. अहमदाबाद में वे ट्रैफिक डीसीपी भी रहे और शहर के पूर्वी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली.

पुलिस जिम्मेदारी के साथ युवाओं को देते हैं सीख

वर्ष 2026 में सफीन हसन महिसागर जिले के पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं. वे कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक और पुलिस प्रशासन से जुड़े काम संभाल रहे हैं. इसके साथ ही वे युवाओं के बीच प्रेरक वक्ता के तौर पर भी जाने जाते हैं. धार्मिक ग्रंथों को लेकर वे भगवद्गीता, रामायण, बाइबल और कुरान से ज्ञान लेने की बात कह चुके हैं. उनका संदेश साफ है कि हर धर्म की अच्छी सीख को जीवन में अपनाकर आगे बढ़ना चाहिए.