राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का तीन देशों का आधिकारिक दौरा भारत की विदेश नीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है. इस यात्रा के दौरान वह मोल्दोवा, उत्तर मैसेडोनिया और रोमानिया के शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगी. साथ ही व्यापार, निवेश, कृषि, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी. विदेश मंत्रालय का मानना है कि यह दौरा यूरोप के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा.
राष्ट्रपति मुर्मू अपने दौरे की शुरुआत मोल्दोवा से करेंगी. किसी भारतीय राष्ट्रपति की यह इस देश की पहली आधिकारिक यात्रा होगी. यहां वह राष्ट्रपति मैया सैंडू के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी. इसके अलावा संसद अध्यक्ष इगोर ग्रोसु से भी मुलाकात होगी. भारत-मोल्दोवा व्यापार मंच को संबोधित करने और भारतीय समुदाय से संवाद का कार्यक्रम भी तय है.
मोल्दोवा के बाद राष्ट्रपति उत्तर मैसेडोनिया पहुंचेंगी. यह भी किसी भारतीय राष्ट्रपति का पहला दौरा होगा. यहां वह राष्ट्रपति गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के साथ वार्ता करेंगी. प्रधानमंत्री और संसद अध्यक्ष से मुलाकात के अलावा वह संसद को भी संबोधित करेंगी. व्यापार मंच में हिस्सा लेकर दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी जोर देंगी.
इस पूरे दौरे में कृषि, स्वास्थ्य सेवा, औषधि उद्योग, विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर विशेष चर्चा होगी. दोनों पक्ष निवेश और व्यापार को बढ़ावा देने के साथ नई परियोजनाओं की संभावनाओं पर भी विचार करेंगे. इससे आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है.
विदेश मंत्रालय के अनुसार यह यात्रा मध्य और पूर्वी यूरोप के देशों के साथ भारत के बढ़ते संबंधों का प्रतीक है. मंत्रालय का कहना है कि इस दौरे से रणनीतिक साझेदारी मजबूत होगी और क्षेत्रीय सहयोग के नए अवसर खुलेंगे. साथ ही यूरोपीय संघ के साथ भारत के व्यापक संबंधों को भी मजबूती मिलेगी.
राष्ट्रपति मुर्मू अपने दौरे के अंतिम चरण में रोमानिया जाएंगी. तीन दशक से अधिक समय बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति का यह दौरा होगा. वहां वह राष्ट्रपति निकुसोर डैन से मुलाकात करेंगी, भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगी और प्रवासी भारतीयों से भी संवाद करेंगी. विदेश मंत्रालय का मानना है कि यह यात्रा दोनों देशों के आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई देगी.