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Rohini Blast: सफेद पाउडर ने जोड़ दिए धमाके के तार! पुलिस ने की पूर्व पटाखा निर्माताओं से पूछताछ, अब तक क्या-क्या हुआ?

गुरुवार को रोहिणी सिनेमा हॉल के पास एक कम तीव्रता वाला धमाका हुआ था. ठीक 40 दिन पहले इसी इलाके में सीआरपीएफ स्कूल के पास भी एक धमाका हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ था और लोगों में अफरा-तफरी मच गई थी.

Sagar Bhardwaj

Rohini Blast: रोहिणी सिनेमा हॉल के पास हुए धमाका मामले में दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच तेज करते हुए सिनेमा हॉल के नजदीक स्थित पूर्व में पटाखे बनाने वाली फैक्ट्री मालिकों से पूछताछ की. पुलिस को संदेह है कि जहां धमाका हुआ वहां इन फैक्ट्रियों से निकलने वाले केमिकल कचरे को इस इलाके में डंप किया जाता था और इसी केमिकल कचरे में यह धमाका हुआ. आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

गुरुवार को रोहिणी सिनेमा हॉल के पास एक कम तीव्रता वाला धमाका हुआ था. ठीक 40 दिन पहले इसी इलाके में सीआरपीएफ स्कूल के पास भी एक धमाका हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ था और लोगों में अफरा-तफरी मच गई थी.

पुलिस ने बनाई फैक्ट्री मालिकों की लिस्ट

पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर मामले की जांच के लिए एक दर्जन टीमों का गठन किया था. पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ताओं ने पूर्व में धमाके बनाने वाली फैक्ट्रियों के मालिकों की एक लिस्ट बनाई है और उनके कर्मचारियों से इस इलाके में केमिकल कचरे की डंपिंग को लेकर पूछताछ की जा रही है. 

आतंकी साजिश के सबूत नहीं

एक सूत्र ने बताया कि पुलिस को संदेह है कि पटाखे के निर्माण पर पूरी तरह से बैन होने के बावजूद कुछ लोग पटाखे बनाने के काम में शामिल हो सकते हैं. अभी तक पुलिस को इस मामले में किसी आतंकी साजिश के सबूत नहीं मिले हैं, हालांकि उन्होंने इस संभावना से इनकार भी नहीं किया है.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, हम सभी संभावित पहलुओं पर काम कर रहे हैं. हम सभी को सत्यापित कर रहे हैं, जिसमें प्रगति विहार और आसपास के क्षेत्रों में कारखाना मालिकों और पूर्व पटाखा निर्माताओं को शामिल किया गया है.'

जांचकर्ताओं का यह भी मानना है कि यह एक आकस्मिक विस्फोट हो सकता है, जो पास में खड़े तीन पहिया वाहन के चालक द्वारा फेंकी गई बुझी हुई "बीड़ी" की सिगड़ी के कारण हुआ हो. चालक चेतन कुशवाहा विस्फोट में मामूली रूप से घायल हो गए.

पुलिस का संदेह है कि विस्फोट स्थल पर पाए गए सफेद पाउडर रसायन में हाइड्रोजन पेरोक्साइड, बोरेट्स और नाइट्रेट्स का मिश्रण हो सकता है, और यह उसी रसायन के समान है जो 20 अक्टूबर के विस्फोट में इस्तेमाल हुआ था.

पुलिस ने पास के क्षेत्रों में रहने वाले शरारती तत्वों से भी पूछताछ की है. संदेह का ध्यान उन लोगों पर भी गया है, जो पुलिस से नाराज थे और सुरक्षा एजेंसियों को चुनौती देने की कोशिश कर सकते थे.

कुछ दूरी पर स्थित है क्राइम ब्रांच का ऑफिस
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच का एक कार्यालय घटनास्थल से कुछ कदम दूर स्थित है. एक अधिकारी ने कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 326, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की रोकथाम अधिनियम की धारा 4 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 के तहत प्रगति विहार पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है.