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India Daily

'गाय उनके लिए जानवर नहीं', पीएम मोदी ने पशु प्रेमियों पर कसा जोरदार तंज, ठहाकों से गूंज उठा विज्ञान भवन

पीएम मोदी ने कहा- 'हाल ही में मैं पशु प्रेमियों से मिला.' इतना सुनते ही लोग ठहाका मारकर हंसने लगे. पीएम मोदी ने ठहरकर पूछा, 'आप लोग हस क्यों रहे हैं? हमारा देश पशु प्रेमी है और उनमें से ज्यादातर लोग गाय को पशु नहीं समझते.'

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'गाय उनके लिए जानवर नहीं', पीएम मोदी ने पशु प्रेमियों पर कसा जोरदार तंज, ठहाकों से गूंज उठा विज्ञान भवन
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में आवारा कुत्तों को रिहायशी इलाकों से शेल्टर होम भेजे जाने को लेकर छिड़ी बहस पर एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी से माहौल हल्का कर दिया. विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पशु प्रेमियों की 'दोहरी नैतिकता' पर चुटकी ली, जिससे वहां मौजूद लोगों की हंसी छूट गई.

पीएम मोदी की यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट के कुत्तों को शेल्टर में भेजने के आदेश के खिलाफ देशव्यापी आक्रोश के ठीक बाद आई, जहां सेलिब्रिटी और एक्टिविस्ट्स ने शेल्टर में जानवरों के दुर्व्यवहार की आशंका जताई थी.

'हाल ही में मैं पशु प्रेमियों से मिला'

शुक्रवार को विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने हाल ही में कुछ जानवर प्रेमियों से मुलाकात का जिक्र किया. उन्होंने कहा, "हाल ही में मैं पशु प्रेमियों से मिला." इतना सुनते ही लोग ठहाका मारकर हंसने लगे. पीएम मोदी ने ठहरकर पूछा, "आप लोग हस क्यों रहे हैं? हमारा देश पशु प्रेमी है और उनमें से ज्यादातर लोग गाय को पशु नहीं समझते.'' 

पीएम मोदी का यह तंज उन लोगों पर जो केवल चुनिंदा जानवरों के प्रति अपना प्यार दिखाते हैं. प्रधानमंत्री ने कुत्तों और गायों के लिए अलग-अलग मापदंड अपनाने वाले प्रेमियों को निशाना बनाया, जो साबित करता है कि 'जानवर' शब्द केवल सड़क के कुत्ते या पालतू कुत्ते तक सीमित नहीं है.

जानवर एक्टिविस्ट्स ने जताई थी चिंता

पीएम की टिप्पणी का समय महत्वपूर्ण है, जो दिल्ली की सड़कों से आवारा कुत्तों को हटाने और शेल्टर में रखने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कुछ दिनों बाद आया. अदालत ने कुत्तों के काटने और रेबीज मामलों में वृद्धि को देखते हुए यह कदम जरूरी बताया था.

लेकिन जानवर एक्टिविस्ट्स और मशहूर हस्तियों ने शेल्टर में दुर्व्यवहार की चिंता जताई, जिससे देशभर में भारी विरोध हुआ. इस आक्रोश के चलते चीफ जस्टिस ने असामान्य कदम उठाते हुए मामले को तीन जजों की बेंच को सौंप दिया. नई बेंच ने पिछले आदेश में संशोधन किया और कुत्तों को टीकाकरण व कृमिनाशक दवा देने के बाद उसी इलाके में छोड़ने का निर्देश दिया.

मोदी सरकार ने गायों के लिए की है पहल

बता दें कि 2014 से सत्ता में आने के बाद पीएम मोदी की सरकार ने गायों की सुरक्षा के लिए कई पहल की हैं, जिन्हें हिंदू समुदाय में 'गौ माता' के रूप में पूजनीय माना जाता है. 2019 में राष्ट्रीय गौमाता आयोग (RKA) की स्थापना इसका उदाहरण है. पिछले साल लोकसभा चुनाव से पहले मकर संक्रांति पर दिल्ली निवास पर गायों को प्यार से सहलाते और चारा खिलाते पीएम मोदी के वीडियो वायरल हुए थे. उसी वर्ष सितंबर में उन्होंने अपने निवास पर नवजात बछड़े को गोद में उठाते हुए देखे गए.