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India Daily

'मुझे याद है मेरी मां...', पहली बार CM बनने के 24 साल पूरे होने पर PM मोदी ने शेयर की फोटो, मां को किया याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक फोटो साझा कर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का स्मरण किया. उन्होंने लिखा, 'आज ही के दिन मैंने पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. अब जनता के आशीर्वाद से सरकार में सेवा का 25वां वर्ष शुरू कर रहा हूं.'

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Edited By: Princy Sharma
'मुझे याद है मेरी मां...', पहली बार CM बनने के 24 साल पूरे होने पर PM मोदी ने शेयर की फोटो, मां को किया याद
Courtesy: X

PM Narendra Modi Photos: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फोटो शेयर करते हुए 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के पल को याद किया. X पर एक पोस्ट में, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'इसी दिन 2001 में, मैंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. अपने साथी भारतीयों के निरंतर आशीर्वाद से, मैं सरकार के मुखिया के रूप में अपनी सेवा के 25वें वर्ष में प्रवेश कर रहा हूं.'

उन्होंने आगे कहा, 'भारत के लोगों के प्रति मेरी कृतज्ञता. इन सभी वर्षों में, मेरा निरंतर प्रयास रहा है कि हम अपने लोगों के जीवन को बेहतर बनाएं और इस महान राष्ट्र की प्रगति में योगदान दें जिसने हम सभी का पालन-पोषण किया है.' प्रधानमंत्री ने याद किया कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले थे, तो उनकी मां ने उन्हें दो बातें बताई थीं: कभी रिश्वत न लेना और हमेशा गरीबों के लिए काम करना.' 

'मेरी मां ने मुझसे...'

पीएम मोदी ने मां को किया याद, 'जब मैंने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, तो मुझे याद है कि मेरी मां ने मुझसे कहा था. मुझे आपके काम की ज्यादा समझ नहीं है, लेकिन मैं केवल दो चीजें चाहती हूं. पहली, आप हमेशा गरीबों के लिए काम करेंगे और दूसरी, आप कभी रिश्वत नहीं लेंगे.  मैंने लोगों से यह भी कहा कि मैं जो कुछ भी करूंगा, वह नेक इरादे से करूंगा और कतार में खड़े आखिरी व्यक्ति की सेवा करने के विजन से प्रेरित होगा,' 

विकसित भारत को लेकर PM ने कही ये बात

पीएम मोदी ने कहा कि वह विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए और अधिक मेहनत करेंगे. उन्होंने X पर लिखा, 'मैं एक बार फिर भारत के लोगों को उनके निरंतर विश्वास और स्नेह के लिए धन्यवाद देता हूं. अपने प्रिय राष्ट्र की सेवा करना सर्वोच्च सम्मान है, एक ऐसा कर्तव्य जो मुझे कृतज्ञता और उद्देश्य से भर देता है. हमारे संविधान के मूल्यों को अपना निरंतर मार्गदर्शक मानते हुए, मैं आने वाले समय में विकसित भारत के हमारे सामूहिक सपने को साकार करने के लिए और भी अधिक मेहनत करूंगा'