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India Daily

'भारत और चीन को साथ मिलकर करना होगा काम', जापान की धरती से मोदी ने ट्रंप के 'टैरिफ बम' को फुस्स करने का बताया प्लान!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय जापान यात्रा पर हैं. इस दौरान उन्होंने जापानी मीडिया से बात करते हुए भारत और चीन के रिश्ते पर बात की. चीन को पड़ोसी देश बताते हुए उन्होंने बताया कि दोनों देशों का मिलकर काम करना विश्व स्थिरता के लिए कितना महत्वपूर्ण है.

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Edited By: Shanu Sharma
'भारत और चीन को साथ मिलकर करना होगा काम', जापान की धरती से मोदी ने ट्रंप के 'टैरिफ बम' को फुस्स करने का बताया प्लान!
Courtesy: Social Media

India China Relations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय जापान में दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे हैं. पीएम मोदी का यात्रा शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से पहले तय किया गया है. सम्मेलन में शामिल होने से पहले उन्होंने टोक्यों में अपना संबोधन दिया, साथ ही मीडिया से भी बातचीत की. इस दौरान उन्होंने भारत और चीन के व्यापारिक रिश्ते पर जोर डाला. उन्होंने कहा कि दो प्रमुख अर्थव्यवस्था होने के नाते भारत और चीन का मिलकर काम करना विश्व व्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए जरूरी है.

अमेरिका के टैरिफ विवाद के बीच पीएम मोदी ने अपनी चीन यात्रा के उद्देश्य का संकेत दिया. उन्होंने यह बात 'विश्व अर्थव्यवस्था में मौजूदा अस्थिरता' के संदर्भ में कही. मोदी ने जापानी अखबार योमिउरी शिंबुन को दिए एक साक्षात्कार में यह बयान दिया. 

दोनों देशों के संबंधों में सुधार के महत्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व अर्थव्यवस्था में अभी की स्थिति को देखते हुए, दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और चीन को एक साथ काम करना काफी जरूरी बताया है. उन्होंने भारत और चीन के क्षेत्रीय और वैश्विक समृद्धि के लिए दोनों देशों के संबंधों में सुधार के महत्व पर बात की. पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के संबंध बेहतर हो रहे हैं. उन्होंने बताया कि पिछले साल रूस के कजान में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से उनकी मुलाकात हुई. इस दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर और स्थिर करने पर जो दिया. 

म्यूचुअल रिलेशन के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार

चीन को भारत का पड़ोसी देश बताते हुए उन्होंने कहा कि दो पड़ोसियों का दुनिया के दो सबसे बड़े राष्ट्रों के रूप में स्थिर और कॉर्डियल द्विपक्षीय संबंध वैश्विक शांति और समृद्धि के लिए जरूरी है.  उन्होंने आगे कहा कि ऐसा संबंध मल्टीपोलर एशिया और मल्टी पोलर विश्व के लिए भी महत्वपूर्ण है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 'म्यूचुअल सम्मान, पारस्परिक हित और पारस्परिक संवेदनशीलता' के आधार पर चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है. पीएम मोदी जापान यात्रा के बाद चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीन जाएंगे. इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. इसके अलावा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बाथ भी बाइलैटरल मीटिंग तय की गई है. अमेरिका ने भारत पर रूस से कच्चे तेलल खरीदने के कारण अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया है. हालांकि ऐसे समय में दोनों देशों ने भारत का समर्थन किया है.