T20 World Cup 2026

PM मोदी ने मन की बात में AI की ताकत बताई, टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय मूल के खिलाड़ियों के दबदबे का किया जिक्र

मन की बात के 131वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई तकनीक, टी20 विश्व कप में भारतीय मूल के खिलाड़ियों, ग्रामीण नवाचार, केवाईसी जागरूकता और अंगदान जैसे प्रेरक विषयों पर देशवासियों से संवाद किया.

ani
Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 131वें एपिसोड में विविध विषयों पर देशवासियों से संवाद किया. उन्होंने तकनीकी प्रगति, खेल उपलब्धियों और सामाजिक सरोकारों को जोड़ते हुए भारत की बदलती तस्वीर पेश की. टी20 विश्व कप में भारतीय मूल के खिलाड़ियों की चर्चा से लेकर एआई समिट में भारत की भूमिका तक, उनके संबोधन में आत्मविश्वास झलकता रहा. साथ ही उन्होंने किसानों के नवाचार, डिजिटल सतर्कता और अंगदान जैसे मानवीय पहलुओं को भी प्रमुखता से उठाया.

एआई और तकनीक की नई दिशा

प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली में आयोजित एआई समिट का जिक्र करते हुए बताया कि अमूल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए पशुधन प्रबंधन का प्रभावी मॉडल पेश किया. अब किसान चौबीसों घंटे अपने पशुओं के स्वास्थ्य और डेयरी उत्पादन की निगरानी कर सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि एआई की मदद से प्राचीन ग्रंथों और पांडुलिपियों को डिजिटल रूप में संरक्षित किया जा रहा है, जिससे सांस्कृतिक धरोहर सुरक्षित रह सके.

टी20 में भारतीय जड़ों की पहचान

प्रधानमंत्री ने टी20 विश्व कप में भारतीय मूल के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की. उन्होंने कनाडा टीम का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय जड़ों से जुड़े खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं. कप्तान दिलप्रीत बाजवा, नवनीत ढालीवाल, हर्ष ठाककर और श्रेयस मोवा जैसे नामों का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे देश के लिए गर्व का विषय बताया.

ग्रामीण नवाचार और डिजिटल सतर्कता

ओडिशा के युवा किसान हिरोद पटेल की बहु-स्तरीय खेती का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे तालाब, सब्जियां, फल और मछली पालन को एक साथ जोड़कर आय बढ़ाई जा सकती है. साथ ही उन्होंने केवाईसी संदेशों को लेकर लोगों से सतर्क रहने की अपील की और कहा कि यह प्रक्रिया खातों की सुरक्षा के लिए जरूरी है.

मानवीय संवेदना की मिसाल

प्रधानमंत्री ने केरल की 10 माह की बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम का जिक्र करते हुए उसके माता-पिता के अंगदान के फैसले को साहसिक बताया. उन्होंने कहा कि गहरे दुख के बीच लिया गया यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणा है. यह कदम कई जरूरतमंदों को नई जिंदगी देने की उम्मीद जगाता है.