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India Daily

‘मन की बात’ में बड़ा संदेश: सोने से लेकर विज्ञान, संस्कृति और अंधविश्वास तक; PM मोदी ने कई अहम मुद्दों पर की चर्चा

‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई अहम मुद्दों पर बात की. उन्होंने सोना न खरीदने की अपील से लेकर अंधविश्वास पर चेतावनी और हरगिला पक्षी संरक्षण जैसे कई अहम मुद्दों पर बात की है.

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Edited By: Reepu Kumari
‘मन की बात’ में बड़ा संदेश: सोने से लेकर विज्ञान, संस्कृति और अंधविश्वास तक; PM मोदी ने कई अहम मुद्दों पर की चर्चा
Courtesy: ANI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड में देश और दुनिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की. इस दौरान उन्होंने सामाजिक व्यवहार, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और संस्कृति जैसे विषयों को जोड़ते हुए जनता से संवाद किया. कार्यक्रम में कई प्रेरक कहानियों और पहलों को भी साझा किया गया, जिन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा दिखाई है.  पीएम मोदी ने अपने संबोधन में लोगों से सामूहिक प्रयासों, वैज्ञानिक सोच और सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे कदम भी बड़े बदलाव ला सकते हैं. कार्यक्रम में भारत की परंपराओं और आधुनिक तकनीक के मेल को भी खास तौर पर रेखांकित किया गया.

8 अहम मुद्दे 

 1. सोना न खरीदने की अपील और कारपूलिंग को मिला समर्थन

प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया की स्थिति को देखते हुए सोना न खरीदने की अपील की थी, जिसे देशवासियों ने सकारात्मक रूप से स्वीकार किया. लोगों ने सामूहिक सहयोग दिखाते हुए कारपूलिंग जैसी पहल को भी अपनाया, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग हो रहा है.

 2. अंधविश्वास पर पीएम का संदेश

पीएम मोदी ने कहा कि अंधविश्वास भय पैदा करता है और व्यक्ति को तर्क से दूर कर देता है. उन्होंने बताया कि बिना तथ्यों के निर्णय समाज और व्यक्ति दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं.

 3. हरगिला पक्षी को मिला नया जीवन

असम के हरगिला पक्षी को पहले अशुभ माना जाता था, लेकिन वैज्ञानिक प्रयासों से इसे बचाया गया. आज हजारों महिलाएं ‘हरगिला आर्मी’ बनकर इसके संरक्षण में लगी हैं और यह अब गांवों की पहचान बन चुका है.

 4. संस्कृत विश्वविद्यालय में AI और डेटा साइंस

दिल्ली के केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में AI और डेटा साइंस में B.Tech शुरू किया गया है. इससे भारतीय भाषाओं के लिए AI टूल्स विकसित होंगे और प्राचीन ग्रंथों का डिजिटलीकरण तेज होगा.

 5. नालंदा विश्वविद्यालय में शास्त्रार्थ परंपरा

नालंदा विश्वविद्यालय ने प्राचीन शास्त्रार्थ परंपरा को पुनर्जीवित किया है. यह तर्क, संवाद और चिंतन की प्रक्रिया है, जिसे अब आधुनिक शिक्षा से जोड़ा जा रहा है.

 6. विदेश में भारतीय संस्कृति का प्रसार

डोमिनिकन रिपब्लिक में ‘ब्राह्मकमल डोमिनिका’ समूह भारतीय वैदिक मंत्रों और संस्कृति का अध्ययन कर रहा है. यह भारत से दूर रहकर भी परंपरा को आगे बढ़ाने का उदाहरण है.

 7. भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपरा का विस्तार

ब्राह्मकमल डोमिनिका के सदस्य बिना औपचारिक प्रशिक्षण के वैदिक मंत्र सीख रहे हैं और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं को दुनिया में फैला रहे हैं.

 8. मध्य प्रदेश में महिलाओं की पर्यावरण पहल

राजगढ़ की महिलाओं ने प्लास्टिक कचरे को इकट्ठा कर उसे इको-ईंटों में बदला. इससे शहर की सफाई के साथ सुंदरता भी बढ़ी और सैकड़ों किलो प्लास्टिक का पुनर्चक्रण हुआ.