अगर आप इन दिनों अपने पीएफ खाते का बैलेंस देखने, पासबुक डाउनलोड करने या ऑनलाइन पीएफ निकासी का दावा दाखिल करने की योजना बना रहे हैं, तो आपको थोड़ा इंतजार करना होगा. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने अपने डिजिटल सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए कई ऑनलाइन सेवाओं को 1 जुलाई 2026 तक अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला किया है. संगठन का कहना है कि यह कदम भविष्य में सदस्यों को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है.
ईपीएफओ के अनुसार 26 जून से उसकी वेबसाइट और मोबाइल ऐप की कई अहम ऑनलाइन सेवाएं अस्थायी रूप से उपलब्ध नहीं हैं. सबसे बड़ा असर ऑनलाइन पीएफ क्लेम सबमिट करने की सुविधा पर पड़ा है, जिससे सदस्य फिलहाल पीएफ निकासी या एडवांस के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे. इसके अलावा ईपीएफ पासबुक डाउनलोड करने की सुविधा भी रोक दी गई है. इसका मतलब है कि सदस्य अभी ऑनलाइन अपने पीएफ खाते का बैलेंस भी नहीं देख पाएंगे. संगठन ने पहले ही सोशल मीडिया और आधिकारिक संदेशों के माध्यम से इस अस्थायी व्यवधान की जानकारी साझा कर दी है.
ईपीएफओ का कहना है कि यह तकनीकी अपग्रेड डेटाबेस कंसोलिडेशन और सॉफ्टवेयर सिस्टम को आधुनिक बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा है. इसका उद्देश्य पूरे सिस्टम को पहले से अधिक तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है ताकि भविष्य में क्लेम सेटलमेंट में देरी कम हो सके. यह काम EPFO 3.0 प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है, जिसके जरिए कागजी प्रक्रियाओं को कम करने, डिजिटल सेवाओं को मजबूत बनाने और कर्मचारियों, पेंशनधारकों तथा नियोक्ताओं के अनुभव को बेहतर बनाने की तैयारी की जा रही है.
ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रभावित ऑनलाइन सेवाएं 1 जुलाई 2026 से दोबारा सामान्य रूप से शुरू होने की उम्मीद है. इसके बाद सदस्य फिर से ऑनलाइन क्लेम जमा कर सकेंगे और अपनी पासबुक डाउनलोड कर पाएंगे. जिन लोगों को तत्काल पीएफ बैलेंस की जानकारी चाहिए, वे मिस्ड कॉल या एसएमएस सेवा का उपयोग करने की कोशिश कर सकते हैं, हालांकि रखरखाव के दौरान इन सेवाओं पर भी असर पड़ने की संभावना जताई गई है. सदस्यों को सलाह दी गई है कि वे अपना यूएएन सक्रिय रखें और केवाईसी संबंधी जानकारी पहले से अपडेट रखें.
ईपीएफओ ने कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की हैं. यदि कोई कर्मचारी दैनिक मजदूरी या पीस-रेट पर काम करता है तो उसके कैलेंडर माह के दौरान मिले वेतन के आधार पर पीएफ अंशदान तय किया जाता है. नौकरी छोड़ने के बाद कर्मचारी अकेले पीएफ में योगदान नहीं कर सकता, क्योंकि इसके लिए नियोक्ता का योगदान भी जरूरी होता है. यदि किसी कर्मचारी के वेतन से पीएफ की कटौती तो हो रही है लेकिन राशि जमा नहीं हो रही, तो वह अपनी पासबुक या वार्षिक पीएफ विवरण के जरिए इसकी जानकारी प्राप्त कर सकता है. जिन सदस्यों का यूएएन सक्रिय है, उन्हें हर महीने योगदान जमा होने पर पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस भी भेजा जाता है.