PM Modi Kashmir Visit: 'वे आएं या न आएं, उनके दिल के करीब कश्मीर ही रहता है', PM मोदी को लेकर बरसा प्यार
PM Modi Kashmir Visit: पीएम मोदी आज कश्मीर दौरे पर हैं. पीएम मोदी ने श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में जनसभा को संबोधित किया और सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से बातचीत की. साथ ही कई योजनाओं का उद्घाटन भी किया. पीएम मोदी के दौरे को लेकर कश्मीर के लोगों ने उनपर जमकर प्यार बरसाया.
PM Modi Kashmir Visit: प्रधानमंत्री मोदी पर घाटी यानी कश्मीर के लोगों ने जमकर प्यार बरसाया है. एक महिला ने कहा कि प्रधानमंत्री कश्मीर आएं या न आएं, लेकिन दिल्ली में भी उनके दिल के करीब कश्मीर ही रहता है. वे वहां रहकर भी कश्मीर और कश्मीरियत की भलाई के लिए सोचते रहते हैं. वहीं, एक अन्य शख्स ने कहा कि 2019 के बाद से घाटी में काफी बदलाव आया है. हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले समय में यहां के लोगों को वो सभी सहूलियतें भी मिलेंगी, जिनकी हम इच्छा रखते हैं.
एक अन्य महिला ने कहा कि पीएम मोदी ने गरीबों की भलाई के लिए काफी काम किया है. आगे भी उम्मीद है कि वो हमारे लिए अच्छे काम करेंगे. पीएम मोदी ने कश्मीर के लोगों को काफी स्कीमें दी हैं, गरीबों के लिए घर दिया है. एक अन्य शख्श ने कहा कि पीएम मोदी ने देश की स्थिति को और बेहतर किया है. पूरे विश्व में उन्होंने देश का नाम रोशन किया है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने कश्मीर की जनता तक हर सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया है. यहां का हर नागरिक दुआ करता है कि पीएम मोदी की सरकार हमेशा बरकरार रहे.
जम्मू के रहने वाले राजेंद्र ने कहा कि धारा 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में स्थिति शांतिपूर्ण है. मैं एक ठेकेदार हूं और हम भारत-पाकिस्तान सीमा पर काम करते थे. धारा 370 हटने से कई मौतें हो रही थीं और हमारे किसान शांति से काम नहीं कर पा रहे थे. आज स्थिति पूरी तरह बदल गई है... पहले पाकिस्तान की तरफ से हमले होते थे तो लोग अपना घर छोड़कर भाग जाते थे लेकिन हटने के बाद धारा 370 से ये सब बंद हो गया.
लाभार्थियों ने जमकर की सरकार की योजनाओं की तारीफ
प्रधानमंत्री मोदी ने कश्मीर के बक्शी स्टेडियम में मौजूद स्थानीय लोगों से बातचीत भी की. पीएम मोदी ने सबसे पहले नाजिर नजीम से बात की. नाजिर ने कहा कि मैं पुलवामा का रहने वाला हूं, मेरी जर्नी 2018 में शुरू हुई. मैंने अपने घर की छत पर दो मधुमक्खी के छत्ते रखे थे. मैं उस वक्त 10वीं में पढ़ाई करता था. धीरे-धीरे मैंने इंटरनेट पर मधुमक्खी पालन के बारे में जानकारी जुटाई. 10वीं पास करने के बाद 2019 में मैं सरकार के पास गया. उस वक्त मुझे 50 प्रतिशत की सब्सिडी पर 25 मधुमक्खियों के बॉस मिले. इसके बाद मैंने उनसे पहली बार में 75 किलोग्राम शहद निकाला.
नाजिर ने बताया कि उस समय मुझे उतनी जानकारी नहीं थी, इसलिए मैं शहद को साधारण बोतल में रखकर गांव-गांव बेचता था. मेरी पहली कमाई करीब 60 हजार रुपये थी. धीरे-धीरे मैंने अपने सफर को 200 बॉक्स तक पहुंचाया. उस दौरान मैंने पीएमईजीपी का सहारा लिया. इससे मुझे 5 लाख रुपये मिले और मैंने अपना शहद का कारोबार आगे बढ़ाया.
नाजिर ने पीएम मोदी से बातचीत में कहा कि 2020 में मैंने अपनी वेबसाइट खोली और धीरे-धीरे मेरा शहद का एक ब्रांड बन गया. इसके बाद वेबसाइट के जरिए मैंने हजारों किलोग्राम शहद बेचे. उन्होंने बताया कि 2023 में मैंने 5 हजार किलोग्राम शहद ऑनलाइन बेचे हैं. उन्होंने बताया कि धीरे-धीरे मेरे साथ 100 ऐसे लोग जुड़ गए, जो मधुमक्खी पालन का काम कर रहे हैं.
पीएम मोदी ने नाजिम से सवाल भी पूछा. उन्होंने पूछा कि जब आप पढ़ाई करते थे, तब आपका क्या सपना था?
नाजिम ने जवाब दिया कि मेरे घरवाले कहते थे कि तुम पढ़ाई-लिखाई करके डॉक्टर या इंजीनियर बन जाओ. लेकिन जब मैं मधुमक्खी के दो बॉक्स लेकर आया था, तब मैंने सोच लिया था कि मैं अपना खुद का कारोबार करूंगा.
इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि आपका परिवार आपकी क्षमता को जानता था, आप डॉक्टर बन सकते थे, लेकिन आपने अपने मन की करने की ठानी. हमने हरित क्रांति और सफेद क्रांति के बारे में सुना था, लेकिन आज कश्मीर के युवा मीठी क्रांति ला रहे हैं.
नाजिम ने इसके बाद बताया कि पहले हमारे घरवाले झिझकते थे, लेकिन अब वे हमारी खुलकर मदद करते हैं. नाजिम ने बताया कि अब दूसरे राज्यों की सरकारें अब हमें मुफ्त में कारोबार के लिए जमीनें दे रही है. इसके बाद पीएम मोदी ने नाजिम की जमकर तारीफ की.
पीएम मोदी ने बेकरी से जुड़ी श्रीनगर की युवा लड़की से भी बातचीत की
पीएम मोदी ने श्रीनगर की एहतेशाम नजीद भट से भी बातचीत की. एहतेशाम ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर बेकिंग के क्षेत्र में काफी कामयाबी पाई है. बेकरी से जुड़े कारोबार के बारे में पीएम मोदी को जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मैं बचपन से ही बेकरी के कारोबार को लेकर पैशनेट थी. जैसे ही मेरा एडमिशन फूड टेक्नोलॉजी स्किल डेवलपमेंट में हुआ, मुझे लगा कि मेरे पैशन को एक दिशा मिली है.
एहतेशाम ने बताया कि हम बेकरी में कुछ नए इनोवेशन करना चाहते थे. हम ऐसा प्रोडक्ट तैयार करना चाहते थे, जिसे हर कोई कंज्यूम कर सके, चाहे वो डायबटिक हो, हेल्थ कॉन्शियस हो या फिर नॉर्मल पर्सन. इसके लिए हमें सपोर्ट की जरूरत थी. फिर हमें गवर्मेंट पॉलिटेक्निक फॉर वूमन स्किल डेवलपमेंट ने हमारा साथ दिया. हमें 6 महीने की ट्रेनिंग मिली. इस दौरान हमें पैशन, सपोर्ट और मार्केटिंग स्किल सीखने को मिला.
इसके बाद हमने अपना मैनूफैक्चरिंग यूनिट खोलने का सोच लिया. फिर हमने कुछ एक्सपर्ट्स से भी राय ली. 2019 के बाद जब सरकार ने डिजिटल सेवाओं के तहत सिंगल विंडो सिस्टम बनाया, उससे हमें सभी तरह की एनओसी और पेपर वर्क घर बैठे ही मिल गया. अभी हमारा मैनूफैक्चरिंग यूनिट चल रहा है. 2 लाख रुपये की महीने की बिक्री भी हो जाती है.
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