प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन स्थित डीडीए उत्सव ग्राउंड में विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन किया. इसके बाद अपने संबोधन में उन्होंने देशवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं दीं और देश की एकता बनाए रखने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि विजयादशमी अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है और भगवान राम के आदर्श हमें सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा देते हैं.
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश के सामने मौजूद तीन चुनौतियों का उल्लेख किया. उन्होंने देश के मान-सम्मान को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतों, समाज में फूट डालने वाले लोगों और भारतीय संस्कृति से नफरत करने वाली सोच को ऐसी चुनौतियां बताया, जिनका मुकाबला मिलकर करना जरूरी है. उन्होंने देश की एकता, सांस्कृतिक विरासत और आपसी सद्भाव को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया.
#WATCH | Delhi: Ravan Dahan is being performed at IP Extension in East Delhi on the occasion of #Dussehra. PM Narendra Modi attended the Dussehra celebrations here. (Source: DD News) https://t.co/ODKvGqvmj1
— ANI (@ANI) October 20, 2026
पीएम मोदी ने भगवान राम के आदर्शों का जिक्र करते हुए राम राज्य की अवधारणा समझाई. उन्होंने कहा कि राम राज्य में शासन का उद्देश्य जनता का कल्याण होता है. ऐसी व्यवस्था में किसी के साथ भेदभाव नहीं होता, सभी को न्याय मिलता है और हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का समान अवसर दिया जाता है. उन्होंने गरीबों और वंचितों की मदद तथा जनकल्याण को भी महत्वपूर्ण बताया.
#WATCH | Delhi: At the #Dussehra celebrations, Prime Minister Narendra Modi says, "May our thoughts be in harmony; may all the institutions of the nation and all political parties stand united for the national interest. We must stand united to confront the enemies of the nation. Those who seek to harm the nation’s honor, those who divide society, and those who harbor a hatred for our culture—these are the enemies of the country. Today, on this auspicious occasion of Vijayadashami, we must reaffirm our resolve. We must identify the enemies of Maa Bharati and defeat them..." (Source: DD News)
— ANI (@ANI) October 20, 2026
प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत बताई. उन्होंने देशवासियों से अपनी क्षमताओं और संसाधनों पर भरोसा रखने तथा मेहनत के साथ देश के विकास में योगदान देने का संदेश दिया. उनके मुताबिक, जब लोग एकजुट होकर काम करते हैं, तो बड़ी चुनौतियों का सामना करना आसान हो जाता है.
पीएम मोदी के संबोधन का मुख्य संदेश एकता, न्याय, सांस्कृतिक मूल्यों और जनकल्याण से जुड़ा रहा. विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. यह लोगों को अन्याय के खिलाफ खड़े होने, सही रास्ते पर चलने और मिलकर बेहतर समाज बनाने की प्रेरणा देता है.