तमिल सिनेमा के सुपरस्टार धनुष की राजनीति में एंट्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. हालांकि धनुष ने अभी तक राजनीति में आने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन उनके फैन क्लब का नाम बदलकर 'धनुष नर्पणी इयक्कम' यानी धनुष वेलफेयर मूवमेंट किए जाने के बाद राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं. इसी बीच तमिलनाडु की सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम यानी TVK ने इस घटनाक्रम का स्वागत किया है.
TVK के प्रवक्ता एम. सत्य कुमार ने NDTV से बातचीत में कहा कि पार्टी को खुशी है कि उसकी राजनीतिक यात्रा दूसरे लोगों को भी राजनीति में आने के लिए प्रेरित कर रही है. उन्होंने अभिनेता और मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के फिल्मी दुनिया से राजनीति तक के सफर को एक उदाहरण बताया.
सत्य कुमार ने कहा कि विजय की राजनीतिक यात्रा अचानक शुरू नहीं हुई. उन्होंने करीब 30 साल तक जमीन पर काम किया और अपने प्रशंसकों के नेटवर्क को धीरे-धीरे एक सेवा संगठन में बदला. उनके मुताबिक, राजनीति में किसी नए संगठन को खड़ा करना और चुनाव जीतना आसान नहीं है.
उन्होंने कहा कि विजय ने अपने करियर के शिखर पर अभिनय छोड़कर राजनीति को पूरी तरह अपनाया. TVK प्रवक्ता के मुताबिक, किसी भी राजनीतिक दल को चलाने और चुनाव जीतने के लिए पूर्णकालिक प्रतिबद्धता जरूरी होती है.
धनुष के फैन एसोसिएशन का नाम बदलकर धनुष नर्पणी इयक्कम किया गया है. कोयंबटूर में आयोजित बैठक में करीब 3,000 पदाधिकारी शामिल हुए. धनुष खुद इस कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे. बैठक में अनुशासन, समाज सेवा और जनकल्याण से जुड़े कामों पर चर्चा हुई.
पूर्व पत्रकार और AIADMK सांसद रबी बर्नार्ड ने पदाधिकारियों को अनुशासन और सामाजिक कार्यों को लेकर संबोधित किया. वहीं ISRO के एक वैज्ञानिक ने भी कार्यक्रम में प्रेरक भाषण दिया.
TVK ने धनुष के संगठनात्मक बदलाव की तुलना विजय के शुरुआती सफर से की है. राजनीति में आने से पहले विजय ने अपने फैन क्लब को एक सामाजिक सेवा नेटवर्क में बदल दिया था. इस नेटवर्क के जरिए जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन, पुस्तकालय और कानूनी सहायता जैसी सेवाएं उपलब्ध कराने का काम किया गया.
TVK का कहना है कि विजय ने अपने फैन क्लब नेटवर्क को करीब 33 वर्षों तक मजबूत किया. पार्टी के अनुसार, उस दौर में उनके साथ खड़े रहने वाले कुछ सामान्य कार्यकर्ता आज सरकार में मंत्री तक बने हैं.
तमिलनाडु में फिल्मी सितारों का राजनीति में आना कोई नई बात नहीं है. सीएन अन्नादुरई और एम. करुणानिधि जैसे लेखक और पटकथा लेखक द्रविड़ राजनीति के बड़े चेहरे बने. वहीं एमजी रामचंद्रन और जे. जयललिता जैसे फिल्मी सितारे आगे चलकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने.
हालांकि सिर्फ लोकप्रियता हर बार राजनीतिक सफलता की गारंटी नहीं रही है. शिवाजी गणेशन, विजयकांत, सरथकुमार और कमल हासन जैसे कलाकारों ने भी राजनीति में कदम रखा, लेकिन मुख्यमंत्री पद तक नहीं पहुंच सके. रजनीकांत ने राजनीति में आने का फैसला ही वापस ले लिया.
फिलहाल धनुष की ओर से राजनीति में आने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. फैन क्लब का नाम बदलना अभी संगठनात्मक बदलाव है, इसे राजनीतिक लॉन्च नहीं कहा जा सकता. लेकिन विजय की राजनीतिक सफलता के बाद धनुष के संगठन में हुए इस बदलाव ने नई अटकलों को जरूर हवा दे दी है.
TVK ने भी विजय की राजनीतिक यात्रा को दूसरे फिल्मी सितारों के लिए प्रेरणा बताया है. ऐसे में आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि धनुष सिर्फ सामाजिक गतिविधियों तक सीमित रहते हैं या फिर तमिलनाडु की राजनीति में औपचारिक तौर पर कदम रखते हैं.