भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को कहा कि दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस संबंध में अच्छी खबर सामने आ सकती है.
भारत की दूसरी आधिकारिक यात्रा पर आए रुबियो ने कहा कि समझौते से जुड़े कुछ ही मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है. उनके मुताबिक, दोनों पक्ष समझौते को अंतिम रूप देने के काफी करीब पहुंच चुके हैं और जल्द ही इसे पूरा किए जाने की उम्मीद है.
SECRETARY RUBIO on TRADE AGREEMENT: We're very, very close. We're about as close as you can be without having an executed agreement. There's a small number of items left to wrap up, I think that will happen shortly. https://t.co/frwU0XbYAA
— Department of State (@StateDept) October 20, 2026
यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने रूस पर लगाए जाने वाले कुछ प्रतिबंधों में राहत दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ रूसी ऊर्जा खरीद से जुड़े डीजल समझौते की घोषणा भी की थी. इन कदमों को रूसी ऊर्जा आयात को लेकर अमेरिकी नीति में बदलाव के संकेत के रूप में देखा गया.
जिन प्रतिबंधों में राहत दी गई, उनका असर भारत, चीन और तीन अन्य देशों पर भी पड़ सकता था. प्रस्तावित कार्रवाई के तहत इन देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान था.
अमेरिका पहले रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत की आलोचना कर चुका है. पिछले साल भारतीय आयात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के पीछे भी इस मुद्दे को एक कारण बताया गया था. हालांकि, बाद में व्यापार वार्ता आगे बढ़ने के साथ टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया.
रुबियो ने सोमवार को कहा था कि भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर प्रतिबंधों में छूट से जुड़े फैसलों में भी विचाराधीन रहा.
मुंबई यात्रा के दौरान रुबियो से भारत की रूसी तेल खरीद के बारे में भी सवाल किया गया. उन्होंने कहा कि ऊर्जा के अलग-अलग स्रोत विकसित करना समझदारी भरा कदम है. उनके मुताबिक, भारत ने ऊर्जा आपूर्ति में विविधता लाने की इच्छा बार-बार जताई है और इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति भी की है. रुबियो ने कहा कि ऊर्जा स्रोतों को बदलना एक दिन में संभव नहीं होता. उन्होंने भारत के प्रयासों का स्वागत किया.
रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की. इस दौरान क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा सहित अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. अब दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते के शेष मुद्दों पर सहमति बनने और वार्ता के नतीजे सामने आने का इंतजार है.