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India Daily

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द लग सकती है मुहर, मार्को रुबियो बोले- बस कुछ मुद्दे बाकी

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में है बस कुछ मुद्दे सुलझने बाकी हैं. उन्होंने भारत की ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की नीति का समर्थन किया.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द लग सकती है मुहर, मार्को रुबियो बोले- बस कुछ मुद्दे बाकी
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भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को कहा कि दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस संबंध में अच्छी खबर सामने आ सकती है.

भारत की दूसरी आधिकारिक यात्रा पर आए रुबियो ने कहा कि समझौते से जुड़े कुछ ही मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है. उनके मुताबिक, दोनों पक्ष समझौते को अंतिम रूप देने के काफी करीब पहुंच चुके हैं और जल्द ही इसे पूरा किए जाने की उम्मीद है.

रूस पर प्रतिबंधों में अमेरिका ने दी राहत

यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने रूस पर लगाए जाने वाले कुछ प्रतिबंधों में राहत दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ रूसी ऊर्जा खरीद से जुड़े डीजल समझौते की घोषणा भी की थी. इन कदमों को रूसी ऊर्जा आयात को लेकर अमेरिकी नीति में बदलाव के संकेत के रूप में देखा गया.

जिन प्रतिबंधों में राहत दी गई, उनका असर भारत, चीन और तीन अन्य देशों पर भी पड़ सकता था. प्रस्तावित कार्रवाई के तहत इन देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान था.

भारतीय सामान पर टैरिफ 50 से घटकर 18 प्रतिशत

अमेरिका पहले रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत की आलोचना कर चुका है. पिछले साल भारतीय आयात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के पीछे भी इस मुद्दे को एक कारण बताया गया था. हालांकि, बाद में व्यापार वार्ता आगे बढ़ने के साथ टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया.

रुबियो ने सोमवार को कहा था कि भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर प्रतिबंधों में छूट से जुड़े फैसलों में भी विचाराधीन रहा.

रूसी तेल पर भारत के रुख को बताया समझदारी भरा

मुंबई यात्रा के दौरान रुबियो से भारत की रूसी तेल खरीद के बारे में भी सवाल किया गया. उन्होंने कहा कि ऊर्जा के अलग-अलग स्रोत विकसित करना समझदारी भरा कदम है. उनके मुताबिक, भारत ने ऊर्जा आपूर्ति में विविधता लाने की इच्छा बार-बार जताई है और इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति भी की है. रुबियो ने कहा कि ऊर्जा स्रोतों को बदलना एक दिन में संभव नहीं होता. उन्होंने भारत के प्रयासों का स्वागत किया.

जयशंकर के साथ ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा

रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की. इस दौरान क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा सहित अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. अब दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते के शेष मुद्दों पर सहमति बनने और वार्ता के नतीजे सामने आने का इंतजार है.