Parliament Special Session 2023: पुराने संसद भवन में लोकसभा में अपना आखिरी भाषण देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से लेकर अपने पूर्ववर्ती पीएम मनमोहन सिंह के योगदान को याद किया. पिछले 75 वर्षों के संसदीय लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों की भूमिका को सराहते हुए कई बड़ी बातें कहीं. संसद के विशेष सत्र के बीच आज शाम 6:30 बजे केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक होगी. मिल रही जानकारी के मुताबिक कैबिनेट की बैठक में संसद के सत्र को पुराने भवन से नए भवन में ले जाने के समेत कई अहम बिलों की मंजूरी ली जाएगी.
राज्यसभा की ओर से जारी बुलेटिन जारी कर सांसदों से मंगलवार को संसद के सेंट्रल हॉल में इकट्ठा होने के लिए कहा गया है. बुलेटिन के अनुसार राज्यसभा के महासचिव पीसी मोदी के हवाले से कहा गया है, ''राज्यसभा और लोकसभा के सदस्यों से अनुरोध है कि वे पार्लियामेंट ऑफ इंडिया (भारतीय संसद) की समृद्ध विरासत को मनाने और 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लेने के लिए एक समारोह के लिए 19.09.2023 को सुबह 11 बजे संसद के सेंट्रल हॉल (केंद्रीय कक्ष) में इकट्ठा हों''
Members of Rajya Sabha and Lok Sabha are requested to assemble in the Central Hall of Parliament at 11 AM on 19.09.2023 for a function to commemorate the rich legacy of the Parliament of India and resolve to make Bharat a developed Nation by 2047: P.C. Mody, Secretary-General,… pic.twitter.com/3FUf8VrPp6
— ANI (@ANI) September 18, 2023
नए संसद भवन में महिला आरक्षण बिल पेश किए जाने की चर्चा है. महिला आरक्षण विधेयक 27 सालों से पेंडिंग है. पूर्व पीएम एच डी देवगौड़ा की सरकार में इस विधेयक में 12 सितंबर 1996 को संसद में पेश किया गया था. बिल का मुख्य 15 साल के लिए लक्ष्य महिलाओं के लिए लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में 33% सीटें आरक्षित करना है. वाजपेयी सरकार ने लोकसभा में इस विधेयक को आगे बढ़ाया (1998), लेकिन यह फिर भी पारित नहीं हुआ. केंद्र सरकार संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण पर बिल ला सकती है.
तमाम विपक्षी पार्टी महिला आरक्षण बिल का समर्थन करने का पहले ही ऐलान कर चुकी हैं. बीते दिनों भारत राष्ट्र समिति के अध्यक्ष और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने पीएम मोदी को पत्र लिखा था. इस पत्र के जरिए CM केसीआर ने संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पारित करने का निवेदन किया था. पीएम मोदी को लिखे खत में सीएम केसीआर ने महिलाओं को संसद और राज्यों की विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण देने की बात कहीं है.