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सबरीमाला मंदिर घोटाला मामले में केरल हाई कोर्ट का एक्शन, घी बिक्री में हेराफेरी पर जांच के दिए आदेश

केरल हाई कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में चढ़ाए जाने वाले पवित्र प्रसाद में हो रहे हेरफेर को लेकर सवाल उठाया है. उन्होंने टीडीबी के अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल उठाया है.

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Edited By: Shanu Sharma
सबरीमाला मंदिर घोटाला मामले में केरल हाई कोर्ट का एक्शन, घी बिक्री में हेराफेरी पर जांच के दिए आदेश
Courtesy: X (@MeghUpdates)

केरल हाई कोर्ट ने सबरीमाला भगवान अयप्पा मंदिर में पवित्र 'अडिया सिष्टम घी' की बिक्री में हुए हेरफेर के मामले में गंभीरता से जांच के आदेश दिए हैं. न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी और केवी जयकुमार की खंडपीठ ने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल उठाया है.

कोर्ट ने विजिलेंस और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को सिस्टम की कमियों तथा उच्च स्तर पर संभावित सांठगांठ को लेकर जांच करने के आदेश दिए हैं. कोर्ट ने मात्र दो महीनों से कम समय में 35 लाख रुपये से अधिक की राशि गायब होने को  की बात कही है और इसे गंभीर अपराध बताया है. 

रिपोर्ट में हुए कई खुलासे

टीडीबी की आंतरिक सतर्कता रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि 16,628 पैकेट घी बिना राजस्व जमा किए बेचे गए. इसके अलावा, 27 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक 22,565 पैकेटों की कमी से 22.65 लाख रुपये का अतिरिक्त घाटा दर्ज किया गया. कोर्ट ने इसे महज लापरवाही नहीं, बल्कि भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत स्पष्ट अपराध बताया. खंडपीठ ने चेतावनी दी कि इतनी कम अवधि में इतनी बड़ी राशि का गबन संकेत देता है कि मंदिर में लंबे समय से बड़े पैमाने पर चोरी चल रही है. यह स्थिति भक्तों के विश्वास को ठेस पहुंचाती है और मंदिर की आर्थिक स्थिरता को खतरे में डालती है.

अदालत ने क्या कहा?

खंडपीठ ने ईमानदार और सक्षम अधिकारियों की एक टीम गठित करने का आदेश दिया, जो मामले की एफआईआर दर्ज करेगी. टीम को एक महीने में प्रगति रिपोर्ट सीधे कोर्ट को सौंपनी होगी और जांच समाप्त करने से पहले अनुमति लेनी होगी. कोर्ट ने टीम को केवल खुद के प्रति जवाबदेह बनाया है, जो मामले की संवेदनशीलता को दर्शाता है. फैसले में टीडीबी कर्मचारियों की आलोचना की गई कि वे भक्तों के भरोसे से ज्यादा अपने निजी लाभ को महत्व देते हैं. पिछली अदालती चेतावनियों को नजरअंदाज करने पर भी कोर्ट ने बोर्ड नेतृत्व की मिलीभगत की आशंका जताई.

सबरीमाला में भक्त नारियल और घी चढ़ाते हैं, जिसे टीडीबी पवित्र प्रसाद के रूप में रीपैक कर बेचता है.  यह प्रथा तीर्थयात्रा सीजन में लाखों भक्तों से करोड़ों रुपये जुटाती है, लेकिन अब घोटाले ने इसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.