मुंबई: महानगरपालिका चुनाव 2026 के नतीजों को लेकर चुनाव आयोग ने एक नई व्यवस्था लागू की है. 16 जनवरी से शुरू होने वाली मतगणना एक साथ सभी 227 वार्डों में नहीं होगी, बल्कि चरणों में कराई जाएगी. इसके लिए शहर और आसपास के इलाकों में कुल 23 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं. आयोग का कहना है कि इस व्यवस्था से गिनती अधिक व्यवस्थित और तेज होगी, हालांकि शुरुआती रुझान सामने आने में समय लग सकता है.
चुनाव आयोग के अनुसार, बीएमसी के 227 वार्डों की मतगणना एक साथ शुरू नहीं की जाएगी. प्रत्येक मतगणना केंद्र पर एक समय में केवल दो वार्डों के वोटों की गिनती होगी. जब इन दो वार्डों की गिनती पूरी हो जाएगी, तब अगले दो वार्डों की प्रक्रिया शुरू होगी. इस व्यवस्था के तहत एक समय में कुल 46 वार्डों की ही मतगणना चल सकेगी.
आयोग ने मुंबई और उससे जुड़े क्षेत्रों में कुल 23 मतगणना केंद्र स्थापित किए हैं. चुनाव अधिकारियों का मानना है कि सीमित वार्डों पर ध्यान केंद्रित करने से मानव संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा. इससे मतगणना में गड़बड़ी की संभावना कम होगी और हर चरण को सटीक तरीके से पूरा किया जा सकेगा.
चरणबद्ध मतगणना का एक बड़ा असर यह होगा कि सभी 227 सीटों के शुरुआती रुझान एक साथ सामने नहीं आएंगे. मतगणना शुरू होते ही यह साफ नहीं हो पाएगा कि किस पार्टी को कितनी बढ़त मिल रही है. स्पष्ट तस्वीर बनने में कई घंटे लग सकते हैं, जिससे राजनीतिक दलों और मतदाताओं की उत्सुकता बनी रहेगी.
इस बीच महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों का प्रचार मंगलवार शाम 5:30 बजे समाप्त हो गया. इसके बाद नागपुर से आचार संहिता उल्लंघन का मामला सामने आया. एक सीसीटीवी वीडियो में देर रात घरों और दुकानों के सामने पर्चे बांटते एक व्यक्ति को देखा गया. शिकायत मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
बीएमसी के अलावा महाराष्ट्र के कई बड़े नगर निगमों के चुनाव भी इसी प्रक्रिया के तहत कराए गए हैं. इनमें ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली, पुणे, पिंपरी-चिंचवाड़, नागपुर और अमरावती जैसे प्रमुख नगर निकाय शामिल हैं. इन सभी जगहों पर मतगणना और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है.