menu-icon
India Daily

संसद सत्र का पहला दिन, किस बात पर ठनी रार, किस बात पर भड़की तकरार? यहां पढ़ें

18वीं लोकसभा के पहले संसद सत्र का धमाकेदार आगाज हो गया है. सत्र के पहले दिन ही प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं ने एनडीए के नेताओं को जमकर घेरा. जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शपथ ले रहे थे, तभी राहुल गांधी ने उनके सामने संविधान लहराया. विपक्षी नेताओं ने संसद भवन के बाहर संविधान लेकर मार्च भी किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हंगामे के बीच विपक्ष को पहले ही दिन एक संदेश दिया है.

India Daily Live
संसद सत्र का पहला दिन, किस बात पर ठनी रार, किस बात पर भड़की तकरार? यहां पढ़ें
Courtesy: Social Media

18वीं लोकसभा सभा के संसदीय सत्र का पहला दिन. एक तरफ जहां सत्तारूढ़ दल, एनडीए के सांसद शपथ ले रहे थे, विपक्षी दलों के नए चुने हुए सांसद, हाथों में संविधान लेकर संविधान बचाओ के नारे लगा रहे थे. उनका कहना था कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह, संविधान विरोधी हैं, वे संविधान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के हंगामे से पहले ही यह साफ कर दिया है कि उनका अब एजेंडा क्या रहने वाला है. नए संसद में जाने से पहले, मीडिया से संबोधन में उन्होंने जो कहा है, उसके बाद यह तय हो गया है कि केंद्र, विरोधी दलों के हंगामे पर ध्यान न देकर, कुछ कठोर फैसले ले सकती है. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी साफ कह दिया है कि वे आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर कांग्रेस को जमकर घेरेंगे. उन्होंने कहा, 'कल 25 जून है. जो लोग इस देश के संविधान की गरिमा समझते हैं, जो लोग भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं पर निष्ठा रखते हैं, उनके लिए 25 जून कभी न भूलने वाला दिवस है. कल 25 जून को भारत के लोकतंत्र पर जो काला धब्बा लगा था, उसके 50 वर्ष हो रहे हैं.'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की नई पीढ़ी ये कभी नहीं भूलेगी की संविधान को पूरी तरह नकार दिया गया था, भारत को जेलखाना बना दिया गया था, लोकतंत्र को पूरी तरह दबोच दिया गया था. इमरजेंसी के ये 50 साल इस संकल्प के हैं कि हम गौरव के साथ हमारे संविधान की रक्षा करते हुए, भारत के लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा करते हुए देशवासी ये संकल्प करेंगे कि भारत में फिर कभी कोई ऐसी हिम्मत नहीं करेगा, जो 50 साल पहले की गई थी और लोकतंत्र पर काला धब्बा लगा दिया गया था.'

किसने क्या कहा? यहां पढ़ें सबकुछ-

- अमेठी से कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा ने कहा, 'हमारे पार्टी के नेताओं ने जो कहा है, वह सही है. के सुरेश को प्रोटेम स्पीकर होना चाहिए था. नीट को हर हाल में रद्द होना चाहिए. पेपर बार-बार लीक हो रहे हैं. यह सरकार की विफलता है.'


- दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, 'यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मुझे संसद में शपथ लेने का अवसर मिला. शपथ लेने के बाद देश और लोगों के प्रति मेरी जिम्मेदारी बढ़ गई है, मैं उनकी उम्मीदें पूरी करूंगा.'

 

 

 

 

 

 

- केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा है, 'पीएम नरेंद्र मोदी ने कई बार कहा है कि यह देश संविधान के लिहाज से ही चलेगा. सरकार उनके नेतृत्व में ही चल रही है. नीट पर जांच जारी है, जिसकी गलती पाई जाएगी उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा. सरकार भाग नहीं रही है. कुछ भी छिपाने को नहीं है. सरकार तय करेगी कि यह भविष्य में न होने पाए.'

- समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है, 'कुछ नया नहीं है. यह बीजेपी का पुराना रास्ता है. अगर आप इतिहास देखेंगे तो बीजेपी पेपर लीक कराती रही है, जिससे उसके अपने लोगों को लाभ मिले. यह यूपी में बड़ा मुद्दा है, अब यह दिल्ली तक पहुंच गया है. इन लोगों ने करोड़ों लोगों को धोखा दिया है.'

- आजाद समाज पार्टी (कांशी राम) के सांसद चंद्र शेखर आजाद ने कहा, 'मैं उन लोगों की आवाज हूं, जिन्हें इंसान नहीं समझा जाता. उनकी आवाजें दबाई गई हैं. जो लोग संविधान के खिलाफ काम करते हैं, उनसे सवाल किया जाएगा.'