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NEET पेपर लीक पर संसद सख्त, 1-2 जून को CBSE मूल्यांकन प्रक्रिया की होगी समीक्षा

संसदीय स्थायी समिति 1 और 2 जून को NEET-UG 2026 पेपर लीक, CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली और तीन-भाषा नीति की समीक्षा करेगी. चलिए जानते हैं किन-किन विषयों पर चर्चा होगी.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
NEET पेपर लीक पर संसद सख्त, 1-2 जून को CBSE मूल्यांकन प्रक्रिया की होगी समीक्षा
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद की स्थायी समिति 1 और 2 जून को अहम बैठकें करने जा रही है. शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले, परीक्षा सुधारों, CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली और स्कूलों में तीन-भाषा नीति के क्रियान्वयन की समीक्षा करेगी.

1 जून को होने वाली बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी के महानिदेशक और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट के प्रतिनिधि गुलशन गर्ग को बुलाया गया है. समिति NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर NTA का पक्ष सुनेगी और परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेगी.

2 जून को किन समस्याओं पर होगा विचार?

2 जून को समिति स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष के साथ बैठक करेगी. इस दौरान कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं में उपयोग की जा रही ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली की उपयोगिता और उससे छात्रों को होने वाली संभावित समस्याओं पर विचार किया जाएगा. इसके अलावा कक्षा 9 और 10 में तीन-भाषा नीति के लागू करने की प्रक्रिया की भी समीक्षा होगी.

हाल के दिनों में NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है. 29 मई को संसदीय समिति के सदस्यों ने परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने और प्रणाली की कमजोरियों को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया था. 

कौन-कौन था मौजूद?

इस बैठक में उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी, NTA महानिदेशक अभिषेक सिंह, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो निदेशक प्रवीण सूद और स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे थे.

सूत्रों के अनुसार समिति ने NEET परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और जांच की प्रगति पर विस्तृत जानकारी मांगी. CBI इस वर्ष के NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच कर रही है. परीक्षा को रद्द कर 21 जून को दोबारा आयोजित करने का निर्णय लिया गया था. समिति ने यह भी कहा कि मेडिकल काउंसलिंग और MBBS सीट आवंटन की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होनी चाहिए.

शिक्षा मंत्रालय ने क्या बताया?

शिक्षा मंत्रालय ने पहले संसद को बताया था कि NEET-UG 2024 के बाद सामने आई अनियमितताओं की जांच CBI को सौंपी गई थी. साथ ही पूर्व इसरो प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में सात सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित की गई थी, जिसने परीक्षा सुरक्षा और NTA सुधारों से जुड़े सुझाव दिए थे.

समिति को बताया गया कि राधाकृष्णन समिति की लगभग 75 प्रतिशत सिफारिशें लागू की जा चुकी हैं. अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि NTA में लगभग 25 प्रतिशत पद खाली हैं और भर्ती प्रक्रिया के जरिए संगठन को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है. CBI अब तक इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें एक डॉक्टर और एक कोचिंग संस्थान का शिक्षक भी शामिल है.