परीक्षा पे चर्चा में PM मोदी ने एग्जाम के स्ट्रेस को लेकर बच्चों को दिया खास मंत्र, जानें गेमिंग पर स्टूडेंट्स को क्या दी सलाह?
परीक्षा पे चर्चा के 9वें संस्करण में आज पीएम मोदी ने बच्चों को एग्जाम के स्ट्रेस से बचने के लिए काफी टिप्स दिए. इसी के साथ उन्होंने कहा कि सपने न देखना एक क्राइम है. सपने देखने ही चाहिए, लेकिन सपनों को गुनगुनाते रहना कभी काम नहीं आता है.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 'परीक्षा पे चर्चा' के 9वें संस्करण में देशभर के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से सीधा संवाद किया. यह कार्यक्रम बड़े उत्साह और उत्सव की तरह मनाया गया, जिसमें लाखों बच्चे शामिल हुए. पीएम मोदी ने विभिन्न स्थानों जैसे गुजरात के देवमोगरा, तमिलनाडु के कोयंबटूर, छत्तीसगढ़ के रायपुर, असम के गुवाहाटी और दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग से छात्रों से बात की.
PM मोदी ने एग्जाम के स्ट्रेस को लेकर बच्चों को दिया खास मंत्र
कार्यक्रम के दौरान बच्चे पीएम मोदी को ढेर सारे प्यार भरे तोहफे देते नजर आए. इसमें उनका हाथ से बनाया स्केच, हैंडमेड बुके, पहाड़ी क्षेत्र की डोलची, त्रिपुरा से कोकोनट की लकड़ी का बना सितार, असम का गमछा और ऑर्गेनिक चाय शामिल थी. चाय देखकर पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में कहा- 'चायवाले को चाय दे रहे हैं.' यह पल सभी के चेहरे पर मुस्कान ले आया.
पीएम मोदी ने पंचतंत्र की कहानियों का जिक्र कर नैतिक मूल्यों पर जोर दिया, जो जीवन में संतुलन सिखाती हैं. PM ने एक और महत्वपूर्ण बात कही, 'मैं पीएम बन गया हूं, फिर भी कोई ना कोई मुझे आकर सिखाता रहता है कि अपना काम कैसे करना है.'
'जीवन भर नई चीजें सीखते रहें'
उन्होंने छात्रों को सीख दी कि सफलता के बाद भी सीखना कभी नहीं छोड़ना चाहिए. जीवन भर नई चीजें सीखते रहें, पैटर्न बदलते रहें. उन्होंने कहा कि सपना देखना जरूरी है, सपना न होना अपराध है. यह कार्यक्रम परीक्षा के तनाव को कम करने, फोकस बढ़ाने और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है. पीएम मोदी की बातें छात्रों के लिए मोटिवेशनल रहीं, जो बोर्ड और अन्य परीक्षाओं की तैयारी में उन्हें मजबूती देंगी.