महिला को एक साथ 9 बच्चे हुए, Guinness World Records में बनाई जगह; जानिए अब कैसे हैं हालात

माली की हलीमा सिसे ने एक साथ नौ बच्चों को जन्म िया है. इसके साथ ही उन्होंने Guinness World Records में अपनी खास जगह बनाई.

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Ashutosh Rai

माली की रहने वाली हलीमा सिसे के लिए मां बनने का अनुभव पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया. उन्होंने एक साथ नौ बच्चों को जन्म देकर सबको चौंका दिया. इसके साथ ही उन्होंने Guinness World Records में अपनी खास जगह बनाई.

जन्म के वक्त डॉक्टर भी थे चिंतित

हलीमा सिसे की गर्भावस्था शुरू से ही चुनौतीपूर्ण रही.  जांच के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि उनके गर्भ में नौ बच्चे पल रहे हैं. माली में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं नहीं होने के कारण उन्हें मोरक्को के कासाब्लांका स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया. 30वें हफ्ते में सी-सेक्शन के जरिए बच्चों का जन्म हुआ. हर बच्चे का वजन करीब 500 ग्राम से 1 किलो के बीच था. डॉक्टरों को डर था कि इतनी कमजोर हालत में सभी बच्चों को बचाना आसान नहीं होगा. जन्म के बाद कई महीनों तक उन्हें NICU में रखा गया और लगातार निगरानी में इलाज चलता रहा.

पांच साल बाद बदल चुकी है जिंदगी

4 मई 2021 को मोरक्को के एक अस्पताल में हलीमा ने नौ बच्चों (5 लड़कियां और 4 लड़के) को जन्म दिय था. अब 2026 में ये सभी बच्चे पांच साल के हो चुके हैं. हाल ही में परिवार ने उनका जन्मदिन बेहद सादगी और खुशी के साथ मनाया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बच्चे खेलते, हंसते और परिवार के साथ मस्ती करते नजर आए. हलीमा बताती हैं कि अब सभी बच्चे स्वस्थ हैं और स्कूल जाने की तैयारी कर रहे हैं. हर बच्चे का स्वभाव अलग है. कोई ज्यादा शरारती है तो कोई शांत रहता है.

परिवार के लिए आसान नहीं था सफर

नौ बच्चों की परवरिश करना किसी चुनौती से कम नहीं था. हलीमा और उनके पति अब्देलकेदर अरबी को शुरुआत में आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा. हालांकि माली सरकार और कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने परिवार की मदद की. बच्चों की देखभाल के लिए विशेष पोषण और मेडिकल सपोर्ट दिया गया. बड़ी बहन अरबी भी अब छोटे भाई-बहनों का ध्यान रखने में मदद करती है. परिवार का कहना है कि मुश्किल समय में लोगों की दुआओं ने उन्हें मजबूत बनाए रखा.

दुनिया भर में बन गए प्रेरणा की मिसाल

Guinness World Records ने इन बच्चों को दुनिया के पहले जीवित नॉनुप्लेट्स के तौर पर मान्यता दी है. मेडिकल विशेषज्ञ भी इस केस को आधुनिक चिकित्सा का बड़ा उदाहरण मानते हैं.