'भाई ये लोग मुझे मार डालेंगे...' भोपाल की ट्विशा के बाद ग्वालियर में नवविवाहिता पलक रजक की संदिग्ध मौत, INSTA पर किया था पोस्ट

भोपाल में ट्विशा के बाद ग्वालियर में नवविवाहिता पलक रजक की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. 

insta
Ashutosh Rai

मध्य प्रदेश से एक और शादीशुदा महिला की मौत ने पूरे शहर को चौंका कर रख दिया है. हाल ही में नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की भोपाल में संदिग्ध हालों में मौत का मामला हर जगह सुर्खियों में हैं. इसी बीच ग्वालियर में एक नवविवाहिता की मौत ने भोपाल को चौंका दिया. मृतका की पहचान मुरार थाना क्षेत्र की रहने वाली पलक रजक के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि पलक की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है. इसको लेकर मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

यह है पूरा मामला

पलक की शादी 2025 में अमित रजक से हुई थी. शादी के बाद से ही अमित उस पर दहेज का दबाव बना रहा था. परिवार का दावा है कि पलक की एक लाख रुपये की एफडी तुड़वाकर पैसे अपने पास रख लिए गए थे. साथ ही कार की मांग को लेकर भी लगातार मानसिक दबाव डाला जा रहा था. मायके पक्ष का कहना है कि पलक कई बार अपनी परेशानी परिवार से साझा कर चुकी थी. दूसरी ओर, ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या का मामला बता रहा है.

मौत से पहले भाई को किया फोन

12 मई को पलक ने अपने भाई प्रिंस को फोन किया था. उसने कहा कि वह उसे तुरंत वहां से ले जाए. उसने आगे कहा कि अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है. परिवार का कहना है कि बातचीत के दौरान पलक बेहद घबराई हुई थी. भाई जब उसे लेने निकलने की तैयारी कर रहा था, तभी ससुराल पक्ष की ओर से फोन आया कि उसकी तबीयत बिगड़ गई है और उसे अस्पताल ले जाया गया है. अस्पताल पहुंचने पर परिवार को बताया गया कि पलक की मौत हो चुकी है.

सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ाई रहस्य की परत

पलक सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती थी और उसके हजारों फॉलोअर्स थे. पिछले कुछ दिनों में उसने कई ऐसे पोस्ट और रील साझा किए थे जिनमें वह एंजायटी, डिप्रेशन और पैनिक अटैक जैसी भावनाओं का जिक्र करती दिखाई दी थी. परिवार का कहना है कि उसकी पोस्ट्स इस बात का संकेत थी कि वह लगातार परेशान थी और उसे मदद की जरूरत थी.

जांच में जुटी पुलिस

मुरार थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती स्थिति आत्महत्या की ओर इशारा कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल फोन की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा.  परिवार के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और कॉल रिकॉर्ड, चैट और सोशल मीडिया गतिविधियों को भी जांच में शामिल किया जाएगा.