पाकिस्तान में 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने पर भारत सख्त, MEA ने दर्ज कराया विरोध

पाकिस्तान के नारोवाल जिले में एक सदी पुराने हिंदू मंदिर को नुकसान पहुंचाए जाने पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है. विदेश मंत्रालय ने जांच, दोषियों पर कार्रवाई और मंदिर की बहाली की मांग की.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: पाकिस्तान में एक सदी से अधिक पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने की घटना पर भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. विदेश मंत्रालय ने इस मामले की निंदा करते हुए पाकिस्तान सरकार से तुरंत जांच कराने की मांग की है. भारत ने कहा कि नारोवाल जिले के सिराज गांव में स्थित ऐतिहासिक पूजा स्थल के साथ हुई तोड़फोड़ बेहद गंभीर मामला है. विदेश मंत्रालय ने दोषियों को जवाबदेह बनाने और मंदिर की सुरक्षा व बहाली के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की है.

नारोवाल के सिराज गांव में मंदिर को नुकसान

विदेश मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तान के नारोवाल जिले के सिराज गांव में स्थित ऐतिहासिक हिंदू मंदिर को तोड़े जाने की घटना सामने आई है. भारत ने इस घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है. मंत्रालय ने कहा कि एक सदी पुराने पूजा स्थल के साथ की गई तोड़फोड़ की कड़ी निंदा की जाती है. भारत का कहना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की सुरक्षा संबंधित सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है.

पाकिस्तानी अधिकारियों की भूमिका पर सवाल

विदेश मंत्रालय ने इस मामले में पाकिस्तानी अधिकारियों के रवैये पर भी चिंता जताई. भारत ने कहा कि मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पाना और मामले के प्रति कथित उदासीनता चिंताजनक है. मंत्रालय के मुताबिक ऐसी घटनाएं पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं. भारत ने धार्मिक स्वतंत्रता और पूजा स्थलों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता स्पष्ट रूप से पाकिस्तान के सामने रखी है.


अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया

भारत ने कहा कि मंदिर के साथ हुई इस घटना को अलग-थलग मामले के रूप में नहीं देखा जा सकता. विदेश मंत्रालय ने इसे पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों की धार्मिक आजादी और उनकी सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा से जुड़े व्यापक सवाल के तौर पर उठाया. मंत्रालय ने कहा कि किसी भी समुदाय के धार्मिक स्थलों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए.

भारत ने मांगी पारदर्शी जांच

विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान सरकार से मामले की तत्काल और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है. भारत ने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि दोषियों को पूरी तरह जवाबदेह ठहराया जाए. भारत का कहना है कि केवल जांच की घोषणा पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई भी जरूरी है.

मंदिर की बहाली की भी मांग

भारत ने पाकिस्तान सरकार से क्षतिग्रस्त मंदिर को बहाल करने के लिए तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने की अपील की है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को अपने सभी अल्पसंख्यक नागरिकों की सुरक्षा और उनके धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों की रक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए. भारत ने साफ किया कि इस घटना पर उसकी गंभीर चिंता है और वह मामले में उचित कार्रवाई की उम्मीद करता है.